राजनांदगांव. भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अतीव महत्व अगस्त क्रांति दिवस के गौरव स्मृति परिप्रेक्ष्य में नगर के विचार विज्ञ प्राध्यापक कृष्ण कुमार द्विवेदी ने सामायिक आह्वान चिन्तन टीप में कहा कि सन 1942 को अंग्रेजों भारत छोड़ों के नारे के साथ प्रारंभ हुए आंदोलन ने देश को आजादी दिलाई. आज समय है कि हम सभी भारतवासी अगस्त क्रांति दिवस को पाश्चात्य संस्कृति को छोडऩे एवं अखिल विश्व में श्रेष्ठतम मानी जानी वाली भारतीय सनातन संस्कृति को मन प्राण से आत्मसात करने हेतु संकल्पित हो. यही प्रथम स्वतंत्रता संग्रामी सैनिक मंगल पांडे, रानी लक्ष्मी बाई, चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह, बटुकेश्वर दत्त, खुदीराम बोस, हेमुकलाणी, ऊधम सिंग, नेताजी सुभाष, लाल बाल पाल एवं महात्मा गांधी, सरदार पटेल सहित असंख्य शहीदों – महामानवों के प्रति सहज सत्य और यथार्थ श्रद्धांजलि होगी. आगे प्राध्यापक द्विवेदी ने विशेष रूप से युवा किशोर प्रबुद्ध पीढ़ी को आह्वान्वित करते हुए कहा कि अमर शहीदों महान स्वतंत्रता संग्रामियों की स्मृति को सतत् जीवंत रखने हेतु अपने अपने घरों में परिसरों में कम से एक फलदार, पुष्पदार पौधा नाम देकर अवश्य लगाये. इससे घर-घर, डगर-डगर हमारे शहीदों, महापुरूषों की स्मृति स्थाई होंगी. पीढ़ी दर पीढ़ी देश की स्वतंत्रता के अमर बलिदानी के त्याग को जान समझ सकेंगी. और सहज रूप से पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान कर सकेंगी. आईये अगस्त क्रांति दिवस पर अमर शहीदों की बलिदान को पौधारोपण कर स्थाई स्मृति बनायेंगे।
अगस्त क्रांति – संस्कृति प्रकृति संरक्षण का संकल्प अवसर – द्विवेदी

