Site icon

ग्राम पंचायत और प्रशासन से हारकर गांव वालों ने खुद ही की पानी की व्यवस्था, महीनों से थे परेशान

500_A_51.jpg

लिधौरा
मरगुआं गांव के लोग पिछले कई महीने से पानी की समस्या से तंग चल रहे थे. उनकी समस्या का समाधान सरपंच और जिला प्रशासन द्वारा नहीं करने के बाद उन्होंने खुद ही चंदा कर पानी की व्यवस्था की.

एक ओर जहां शासन-प्रशासन जनता की मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर आज भी कई ऐसे इलाके हैं जहां मूलभूत सुविधाएं सही से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं.  लिधौरा तहसील क्षेत्र से महज 4 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत मरगुआं में कुछ ऐसी ही स्थिति है. बताया जा रहा है कि इस ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले पूरे गांव सहित अपरवल में पिछले कई महीने से पीने के पानी की समस्या। बनी हुई है. गांव वालों ने बताया कि पिछले डेढ़ साल  से गांव में नल जल योजना के तहत लगे नलों के केबल वायर और सबमर्सिबल पंप लगाय गए पर किसी वजह से पानी आना चालू नही किया गया . जिसके चलते गांव के लोगों को एक से दो किमी दूर पानी लाने के लिए जाना पड़ता था. बही नई सोच लेकर गांव के ही युवाओं ने ग्राम पंचायत मरगुआं तहसील लिधौरा जनपद जतारा जिला टीकमगढ़ में नल जल योजना सालों से बंद पड़ी हुई थी

जिसके बाद गांव वालों ने मिलकर चंदा किया और गांव के लिए पानी की व्यवस्था की. गांव वालों ने बताया कि इस गांव में पानी की समस्या सिर्फ अभी ही नहीं बल्कि पिछले कई वर्षों से बनी हुई है. जिससे पीएचडी विभाग एवं ग्राम पंचायत में कोई निर्णय नहीं लिया तब हिमांशु गंगेले हनी एवं उनकी समस्त मित्र टीम ने व्यक्तिगत अर्थ खर्च करके नल जल योजना को सुचारू रूप से चालू कराया जिससे गांव के लोगों के चेहरे खिले उठे इस समस्या से छुटकारा पाकर लोग बहुत खुश हैं और एक महीने से सुचारू रूप से चल रहे इस नल जल योजना से लोगों के चेहरों पर खुशी की लहर दिखाई दे रही है जिससे ग्राम पंचायत के रहने वाले हनी गंगेले की पूरी टीम की लोगों ने सराहना की है

Exit mobile version