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CG : हाथियों ने मचाया उत्पात, रात होते ही पहाड़ों से नीचे आ जाते

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अनूपपुर दोनों हाथी शनिवार देर रात मरवाही वन पर क्षेत्र के मालाड़ांड से गुजरा नाला पार कर रविवार की सुबह धनगवां बीट के जंगल में ठहरे हुए हैं। देर शाम/रात को कुकुरगोड़ा, क्योटार, पटौरा, चोई, धनगवां सहित ग्रामीण अंचलों में विचरण करने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन के साथ वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों, ग्राम पंचायतों ने मुनादी कराई है। अन्य माध्यमों से ग्रामीणों को हाथियों के विचरण पर सतर्क रहने की सलाह दी गई। साथ ही विचरण पर निरंतर नजर रखी जा रही है।

शनिवार को पूरे दिन छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र अंतर्गत 2039 शिवनी बीट के डडिंया एवं घिनौची गांव के मध्य स्थित पहाड़ के जंगल में पूरे दिन व्यतीत करने बाद रात होते ही पहाड़ से उतर कर मालाडांड,करहनी गांव के किनारे से मालाडांड में हरी सिंह के घर की दीवार तोड़ कर घर के अंदर रखे अनाज को खाने बाद रात नौ बजे गूजर नाला पार कर जैतहरी वन परिक्षेत्र के चोलना बीट एवं राजस्व गाव के झिरियाटोला में 11 बजे रात आकर निरंतर विचरण करता रहा है।

मालाडांड गांव के पास से सोननदी के किनारे चोलना आमाडांड मार्ग के सोन पुल को पार किया। फिर सोन केवई नदी के संगम के ऊपर वन परिक्षेत्र कोतमा के पोडी-चोडी में नदी के तट पर बसे। सुनील दुबे के खेत की तार फिंसिग की बाउंड्री तोड़कर खेत में प्रवेश किया। पड़ौंर के महुआटोला की ओर से सोननदी के किनारे-किनारे मोजर बेयर के बनाए सोननदी के बांध में नहाने लग गए। रविवार की सुबह धनगवां बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ 338,337 में पहुंचकर पूरे दिन विश्राम किया है।

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