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राजनांदगांव कलेक्टर ने क्वांर नवरात्रि को लेकर जारी किया आदेश

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राजनांदगांव। नोवेल कोरोना वायरस संकमण के नियंत्रण एवं रोकथाग को दृष्टिगत रखते हुए तथा वर्तमान में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसे रोकने एवं नियंत्रण में रखने हेतु. संभी संबंधित उपाय अमल लाया जाना उचित एवं आवश्यक हो गया हैं, अतएव क्वांर नवरात्रि के सबध में निम्नानुसार निर्देश प्रसारित किये जाते हैं :-

  1. मूर्ति की उंचाई एवं चौंड़ाई 6×5 फिट से अधिक न हो।
  2. मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15×15 फिट से अधिक न हो।
    पंडाल के सामने कम से कम 3000 वर्गफिट की खूली जगह हो।
    पंडाल एवं सामने खूली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिंस्सा प्रभावित न हो ।
    एक पंडाल से दूसरे पंडाल की दूरी 250 मीटर से कम न हो। मंडप/पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल न हो, दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाई जाएगी ।
    किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक न हों।
    मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी, जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी
    व्यक्तियों का नाम पता, मो.नं. दर्ज किया जाएगा ताकि उनमे से कोई भी व्यक्ति कोरोना संकमित होने पर
    कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके।
  3. मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 4 सीसीटीवी लगाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना
    संकमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके ।
  4. मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा । ऐसा पाए जाने पर
    संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।
  5. मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति/समिति द्वारा सेनिटाईजर, थर्मल स्कीनिंग, आक्सिमीटर, हैण्डवाश एवं क्यू
    मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जावेगी ।थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाए जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई
    भी सामान्य व विशेष लक्षण पाए जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं दिये जाने की जिम्मेदारी समिति की होगी।
  6. व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस-बल्ली से
    बेरिकेटिंग कराकर किया जाएगा।
  7. सदि कोई व्यक्ति, जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने से संकमित हो जाता है, तो इलाज का सम्पूर्ण खर्च मूर्ति
    स्थापना करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा किया जावेगा ।
  8. कंट्रेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र
    कंटेनमेंट जोन घोषित हो जाता है, तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी।
    मर्ति रथापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार की भोजन, भण्डारा,जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यकम करने की अनुमति नहीं होगी।
    6 भर्ति स्थापना के समय, स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय, विसर्जन के पश्चात किसी भी प्रकार के वाद्य
    यंत्र, ध्वनि विरतारक यंत्र, डी.जे. बजाने की अनुमति नहीं होगी।
    7 मर्ति स्थापना, विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत, या कोई भी खाद्य अथवा पेय पदार्थ वितरण की अनुमति
    नहीं होगी।
  9. मृर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी।
  10. मूर्ति विसर्जन के लिए पीक-अप , टाटा एस से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा।
  11. मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी।
  12. मुर्ति विसर्जन के लिए 4 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे पृथक से वाहन
    लेजाने की अनुमति नहीं होगी।
  13. मूर्ति वित्तर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पण्डाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति
    नहीं होगी।
  14. विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित रूट, मार्ग, तिथि एवं समय का पालन करना होगा शहर के
    व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
  15. विसर्जन मार्ग में कहीं भी स्वागत, भण्डारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।
  16. सूर्यास्त के पश्चात् एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी।
  17. उपरोक्त शर्तों के साथ घरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी, यदि घर से बाहर मूर्ति स्थापित किया
    जाता है, तो कम से कम 7 दिवस के पूर्व नगर पालिक निगम कार्यालय में आवेदन देना होगा एवं अनुमति
    प्राप्त होने के उपरान्त ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी।
  18. पंडालों के लिए पहले आओ पहले पाओ नीति के तहत जो आवेदन पहले प्राप्त होगा उसे पहले प्राथमिकता दी
    जावेगी।
  19. इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आदेश दिनांक 04.06
    2020 के अंतर्गत जारी एस.ओ.पी. का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगी।
    यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश के उल्लंघन करने पर संबंधित के विरुद्ध
    एपिडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत् कठोर कार्यवाही की जावेगी।
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