
आईसीएमआर द्वारा प्रदेश के दस जिलों में किए गए सीरो सर्विलेंस की विस्तृत रिपोर्ट और निष्कर्ष आगामी 15 दिनों में जारी किए जाएंगे। आईसीएमआर, नई दिल्ली और आरएमआरसी, भुबनेश्वर द्वारा राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से दस जिलों के 20 विकासखंडों के 60 क्लस्टर्स में सीरो सर्विलेंस के लिए सैंपल संकलित किए गए हैं। सर्विलेंस के लिए शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों से सैंपल लिए गए हैं। इनमें आम नागरिकों के साथ ही भीड़ के बीच काम करने वाले उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों के सैंपल भी शामिल हैं।
रायपुर जिले के दो विकासखंडों के तीन-तीन क्लस्टर्स में संकलित 492 सैंपलों में से 426 एंटीबॉडी निगेटिव और 66 पॉजिटिव पाए गए हैं। तिल्दा विकासखंड से लिए गए 160 सैंपलों में से 146 एंटीबॉडी निगेटिव और 14 पॉजिटिव मिले हैं। वहीं धरसींवा (रायपुर) विकासखंड से संकलित 332 सैंपलों में से 280 निगेटिव और 52 पॉजिटिव पाए गए हैं। आईसीएमआर द्वारा दुर्ग जिले में लिए गए 517 सैंपलों में से 474 एंटीबॉडी निगेटिव और 43 पॉजिटिव पाए गए हैं। दुर्ग विकासखंड में संकलित 305 सैंपल में से 278 निगेटिव और 27 पॉजिटिव तथा पाटन विकासखंड के 196 सैंपलों में से 212 निगेटिव व 16 पॉजिटिव पाए गए हैं। सीरो सर्विलेंस के लिए राजनांदगांव से लिए गए 504 सैंपलों में से 485 की रिपोर्ट निगेटिव और 19 की पॉजिटिव है। राजनांदगांव विकासखंड से संकलित 319 में से 304 एंटीबॉडी निगेटिव व 15 पॉजिटिव तथा डोंगरगढ़ विकासखंड के 185 सैंपलों में से 181 निगेटिव और चार पॉजिटिव पाए गए हैं।
