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राजनांदगांव : विधानसभा की जर्जर सड़कों पर चलने मजबूर हैं ग्रामीणजन

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राजनांदगांव । स्वदेशी जागरण मंच के जिला प्रचार प्रसार प्रमुख एवं संपादक कमलेश तिवारी ने जर्जर सड़कों को लेकर कांग्रेस भाजपा के नेताओं द्वारा भ्रामक ब्यान जारी कर वाहवाही लूटने का जो सिलसिला शुरू किया है उस पर ध्यान देने की सख्त आवश्यकता है। तिवारी ने अपने ब्यान में कहा है कि ग्रामीण इलाकों में कई सड़कें आज भी जर्जर हैं। वहीं कुछ को बनाने का काम शुरू भी किया गया है लेकिन ठेकेदारों एवं विभागीय अधिकारियों ने तालमेल न होने के कारण ग्रामीणजन चिथड़े कीचड़ मिट्टी दलदल में आवागमन करने मजबूर हैं।

क्षेत्र के बड़े जनप्रतिनिधि कभी इन इलाकों का दौरा नहीं करते। जिसके कारण इस प्रकार की अराजकता ग्रामीण इलाकों में आवागमन को लेकर है। राजनीतिक पार्टी के नेता झूठी वाहवाही लूटने के लिए एक दूसरे पर दोषारोपण कर देकर सरकारों को दोषी बताते हैं। तिवारी ने कहा है कि इस प्रकार के ब्यानबाजी से आवागमन की सुविधा ग्रामीणजनों को नहीं मिलना है।

जब तक ऐसी स्थिति बनाने वाले चाहे विभागीय अफसर हों या ठेकेदार हो उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित नहीं होगी। मात्र चारदिवारी में बैठकर कोरे ब्यानबाजी देकर समाचार प्रकाशन करवाने से सड़कों की हालत नहीं सुधने वाली। वेसे भी करोड़ों रुपए खर्च कर जनता के सुख सुविधा के लिए सुगम आवागमन को लेकर सरकार सड़क निर्माण के लिए राशि को स्वीकृत करती है लेकिन क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उदासीतना के कारण भ्रष्टाचार की भेंट ये सड़कें चढ़ जाती है।

खामियाजा उस क्षेत्र के ग्रामीण आने जाने वाले छात्र छात्राओं वाहन मालिकों को भुगतना पड़ता है। तिवारी ने कहा है कि जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। इस पर क्षेत्र के विधायक, सांसद को भी ध्यान देना चाहिए कि करोड़ों रुपए की लागत से उनके इलाके में हो रहे निर्माण कार्यों, सड़कों को किस अंदाज में बनाया जा रहा है। कहने का तात्पर्य यह है कि विधायक, सांसद को भी बिना जनता के बुलाए कार्यक्रम के भी अपने क्षेत्रों में दौरा कर निगरानी रखना चाहिए कि उनके क्षेत्र में आम जनता के हितार्थ सरकार करोडों रुपए खर्च कर रही है। तो उसका सदुपयोग अथवा दुरुपयोग कितना हो रहा है। 

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