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पोषण अभियान 2020 बच्चों की वृद्धि पर अब होगी निगरानी: जागरूक करने होंगी विविध गतिविधियां

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वृद्धि निगरानी का महत्व घर-घर जाकर समझाएंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

    रायपुर- महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण अभियान के तहत नवम्बर माह में ‘वृद्धि निगरानी का प्रचार-प्रसार‘ थीम पर आधारित गतिविधयों का आयोजन प्रदेश में किया जाएगा। इसमें पंचायत,स्वास्थ्य,शिक्षा जैसे अन्य सहयोगी विभाग भी सहभागी होंगे। इसके अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा वृद्धि निगरानी के लिए बच्चों का वजन, लम्बाई, ऊंचाई की माप लेकर रिकार्ड अपडेट किया जाएगा और संबंधित परिवारों को उनकी वृद्धि संबंधी परामर्श दिया जाएगा। विभाग द्वारा कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    नवम्बर माह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन गृह भेंट कर भी बच्चों के अभिभावकों और पारिवारिक सदस्यों को वृद्धि निगरानी संबंधित परामर्श भी देंगी। वृद्धि निगरानी के दौरान बच्चे के गंभीर कुपोषित पाए जाने पर उन्हें अस्पताल या पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भेजा जाएगा। इस दौरान दीवाल लेखन और वाट्सएप ट्वीटर, फेसबुक जैसे सामाजिक मीडिया माध्यमों का उपयोग कर अधिक से अधिक लोगों तक वृद्धि निगरानी का महत्व समझाया जाएगा। जनजागरूकता के लिए शिक्षा विभाग के सहयोग से डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से पेंटिंग, स्लोगन, चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से प्रत्येक ग्राम पंचायतों में स्व-सहायता समूह के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व पर्यवेक्षकों द्वारा वृद्धि निगरानी के महत्व पर चर्चा की जाएगी। बच्चों की वृद्धि निगरानी एवं परामर्श पर वेबीनार/प्रशिक्षण भी आयोजित किये जाएंगे।

    उल्लेखनीय है कि पोषण अभियान में व्यवहार परिवर्तन एक आवश्यक घटक है। कुपोषण के प्रभावी निदान के लिए परिवार का जागरूक होना जरूरी है। इसे देखते हुए लोगों में पोषण संबंधी जागरूकता लाने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पोषण अभियान के अंतर्गत मैदानी अमले कोे माह वार विशेष टास्क दिए जा रहे हैं, और विभिन्न गतिविधयां संचालित की जा रही है। जिससे लोगों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। इस कड़ी में विगत अक्टूबर माह में स्वस्थ जीवन के लिए जनसामान्य को साफ-सफाई, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया गया था।

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