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मुख्यमंत्री ने देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर उन्हें किया नमन

man ki baat

  

रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाबा अबुल कलाम आजाद की जयंती पर उन्हें नमन किया है। बघेल ने मौलाना अबुल कलाम आजाद के योगदान का स्मरण करते हुए कहा है कि जहां कहीं भी लोकतंत्र है शिक्षा उसका मूलमंत्र है। जीवन में सफलता प्राप्त करने और कुछ अलग करने के लिए शिक्षा सभी के लिए एक महत्वपूर्ण साधन है। शिक्षा जीवन के कठिन समय में चुनौतियों से सामना करने में सहायता करती है। पूरी शिक्षण प्रक्रिया के दौरान प्राप्त किया गया ज्ञान हम सभी को जीवन के प्रति आत्मनिर्भर बनाता है। शिक्षा जीवन में बेहतर संभावनाओं को प्राप्त करने के अवसरों के लिए विभिन्न दरवाजे खोलती है।

    मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर सभी शिक्षकों, पालकों, बच्चों और आम नागरिकों को इस बात के लिए बधाई दी है कि कोविड-19 के समय में अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया को बरकरार रखने के लिए शिक्षा के महत्व को जानते हुए कोरोना योद्धाओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा की प्रक्रिया जारी रखी। स्कूल बंद होने के बावजूद भी शिक्षा की प्रक्रिया अभी भी जारी है। यही हमारे देश के प्रथम शिक्षा मंत्री को सच्ची श्रद्धांजलि है जिनकी याद में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है। आजाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में स्कूल, कालेज, विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दिया है।

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