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किसानों को बरगलाने वाले नर्क में स्थान सुरक्षित कर रहे : शर्मा

Kacharu Prasad Sharma000

राजनांदगांव। जब से किसानों के लिए नया कानून आया है, तब से कुछ दलों को अत्यंत पीड़ा हो रही है। अनेक दल के लोग किसान हितैषी बनकर किसानों को यह कहकर भ्रमित करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं कि यदि नया कानून किसान मान ले तो वह मुश्किल में आ जाएगा, लेकिन इस तरह बरगलाने वाले ऐसे दल के लोग ये नहीं नही बता रहे हैं कि किसानों को इन दलों ने खुद आज तक क्या दिया।

कृषि विधेयक पर कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए भाजपा नेता कचरू प्रसाद शर्मा ने आगे कहा है कि, खाद, बीज और कीटनाशक वर्षों तक इनके शासन में किसान ब्लैक में लेता रहा और साल दर साल कर्ज में डूबता रहा, इसके बावजूद इन दलों के लोगों ने कर्ज माफी का नारा देकर किसानों को गुमराह किया। गरीब-किसान कर्जदार रहे और अमीर किसान फायदे में। अब आज जिस तरह से ये दल किसानों को भड़का रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि वे अपना राजनीतिक भविष्य बनाने के लिए किसानों का उपयोग कर रहे हैं, जबकि भारत का किसान बहुत समझदार है, शांतिप्रिय है। उन्होंने कहा, शांतिप्रिय आंदोलन करने का हक सबको है, किंतु हिंसक आंदोलन अलोकतांत्रिक होगा और यह बात किसान अच्छे से समझता है। अगर कोई हिंसक हो रहा है तो यह किसानों को गुमराह करने वालों के कारण हो रहा है, वरना पेट भरने वाला रास्ता रोककर हजारों लोगों की जान से खिलवाड़ नहीं करता। किसी भी समस्या का हल बातचीत है और कुछ लोग किसान का रूप धरकर बातचीत को विफल कर अपना हित साधने में लगे हुए हैं। छोटे किसानों को होने वाले फायदे एवं बड़े किसानों की तरह अपनी उपज बड़े मार्केट में अच्छे दाम में बेच सके ऐसी स्थिति पर बाधा बनकर नेतागीरी कर रहे हैं जो हितकर नहीं है।

शर्मा ने किसानों से निवेदन करते हुए कहा है कि वे सही रास्ता चुनें। सरकार विश्वसनीय संस्था है, बातचीत के जरिए भी शंका या समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। इसलिए आंदोलन को समाप्त कर जनजीवन को सामान्य राह में लाने का निर्णय लेकर आगे बढ़ें।

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