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देश में कोरोना से इतनी संख्या में क्यों हुईं मौतें, सरकार ने दिया जवाब

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देश में कोरोना बीमारी से बड़ी संख्या में मौत क्यों हुई, इसको लेकर सरकार ने कारण बता दिया है। सरकार के विशेषज्ञों का कहना है कि अन्य देशों की तुलना में देश में कोरोना वायरस बीमारी से देश में कम मरीज मर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर जो मौतें हुई हैं, उसका कारण यह है कि मरीज देर से अस्पताल पहुंच रहे हैं। 

प्रति दस लाख की आबादी पर 106 मौतेंं, विश्व में 216
भारत में प्रति दस लाख की आबादी पर कोरोना से मरने वाले 106 हैं जबकि यही आंकड़ा वैश्विक स्तर पर 216 है। इसका मतलब यह हुआ है कि भारत में प्रति दस लाख आबादी पर 106 लोग मर रहे हैं, वहीं विश्व में 216 लोग मर रहे हैं। 
आबादी के मुताबिक मरने वालों की संख्या कम
डॉक्टर वीके पॉल का कहना है कि देश में आबादी की तुलना में मरने वालों की संख्या कम है और विश्लेषण के अनुसार ज्यादातर पॉजिटिव मामले जो गंभीर हैं, देर से अस्पताल आते हैं, जिसकी वजह से इतनी संख्या में मौतें हुई हैं। मरीज के देरी से अस्पताल पहुंचने पर स्थिति बिगड़ जाती है। 

डॉ. पॉल का कहना है कि आंकड़ों की मानें तो देश में कोरोना के मामलों में गिरावट आई है। वर्तमान में प्रति दस लाख की आबादी पर भारत में 7,300 कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 9,600 है। 

पिछले 24 घंटों में 23,950 नए मामले सामने आए
कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में कमी और बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटे में 23,950 नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं। देश में संक्रमणमुक्त मरीजों की संख्या 96 लाख से अधिक हो गई है। वहीं, सक्रिय मामले घटकर तीन लाख से कम हो गए हैं। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 23,950 नए संक्रमित मिले हैं, इस तरह देश में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 1,00,99,066 हो गई है। इस दौरान 333 मरीजों ने वायरस के संक्रमण के चलते अपनी जान गंवाई है। अभी तक कुल 1,46,444 लोगों की वायरस के संक्रमण के चलते मौत हुई है।

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