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राजनांदगांव : आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के लिए टीडीएस व टीसीएस पर जागरूकता सेमिनार का किया गया आयोजन

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– ई-फाईलिंग, ई-टीडीएस व टीसीएस कटौती के संबंध में विस्तार से दी गई जानकारी

राजनांदगांव। कलेक्टर संजय अग्रवाल की उपस्थिति में जिले के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के लिए आयकर विभाग एवं जिला कोषालय राजनादगांव के समन्वय से कलेक्टोरेट सभाकक्ष में टीडीएस व टीसीएस पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुरूचि सिंह, प्रशिक्षु वनमंडलाधिकारी, आयकर अधिकारी (टीडीएस) भिलाई रजनी श्रीकुमार उपस्थित थे। आयकर अधिकारी (टीडीएस) भिलाई रजनी श्रीकुमार ने कहा कि आहरण संवितरण अधिकारियों एवं उनके कर्मचारियों को टीडीएस एवं टीसीएस कटौती समय पर कराना बहुत आवश्यक है। सेमिनार में रिटर्न फाईलिंग, ई-टीडीएस और टीसीएस कटौती के समय रखे जाने वाली सावधानियों के संबंध में जानकारी विस्तार से दी। सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों एवं वित्त, लेखा से जुड़े स्टाफ को टीडीएस और टीसीएस से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। ई-टीडीएस और टीसीएस प्रति तिमाही रिटर्न फाईल करना चाहिए। ई-टीडीएस व टीसीएस रिटर्न की देय तिथियां, टीडीएस व टीसीएस से संबंधित कोई अन्य मुद्दे सहित अन्य विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
सेमिनार में बताया गया कि टीडीएस कटौती का चालान का मेल न खाना, त्रैमासिक ई-टीडीएम व टीसीएस रिटर्न की गलत फाइलिंग, त्रैमासिक रिटर्न देरी से दाखिला करने के कारण कटौतीकर्ताओं के खिलाफ बकाया मांग के लिए स्वत: नोटिस जारी हो जाता है। इन त्रुटियों के कारण केन्द्र व राज्य सरकार तथा आयकर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का समय बर्बाद होता है। शासकीय सेवक एवं शासकीय विभागों से भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को समय पर रिफंड नहीं मिलने से मानसिक एवं आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिला कोषालय अधिकारी दिलीप सिंह ने बताया कि जिला कोषालय के समन्वय से टीडीएस एवं टीसीएस के लिए जागरूकता प्रदान करने तथा अधिकारियों के जिज्ञासा के समाधान के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई है।  इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम खेमलाल वर्मा सहित जिला स्तरीय अधिकारी, लेखा से संबंधित कर्मचारी उपस्थित थे।

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