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पशु कू्ररता को समाप्त करने के लिए लोगोंं में जनजागरूकता लाने की जरूरत – महामण्डलेश्वर

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राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महामण्डलेश्वर राजेश्री डॉ. महन्त रामसुन्दर दास की अध्यक्षता में जिला पशु कू्ररता निवारण समिति की बैठक संपन्न
राजनांदगांव 21 जनवरी 2021। छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महामण्डलेश्वर राजेश्री डॉ. महन्त रामसुन्दर दास की अध्यक्षता में जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक कलेक्टारेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में महामण्डलेश्वर राजेश्री डॉ. महन्त रामसुन्दर दास ने कहा कि पशु क्रूरता को समाप्त करने के लिए लोगोंं में जनजागरूकता लाने की जरूरत है। जगजागरूकता से पशुओं पर होने वाले अन्याय एवं अत्याचार को रोका जा सकता है। इसके लिए लोगों को संस्कारित करें और पशु-पक्षियों के प्रति जागरूक करें। जिले में गौशाला संचालित करने का उद्देश्य गौ की रक्षा करना होना चाहिए। हमारी परंपरा एवं संस्कृति में गाय को माता मानकर पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गाय को संरक्षण प्रदान करने के लिए गांव के साथ नगरों में भी गौठानों का निर्माण किया है। गौठानों के निर्माण होने से पशुओं की दुर्घटनाओं में कमी आयी है। जिले में पशुओं के प्रति कू्ररता के निवारण के लिए सोसायटी (एसपीसीए) का गठन किया गया है। इसके अनुसार पशुओं के प्रति कू्ररता पूर्ण व्यवहार एवं नियम के विरूद्ध पशुओं का परिवहन करने की शिकायत प्राप्त होने पर कार्रवाई किया जा सकता है।
महामण्डलेश्वर राजेश्री डॉ. महन्त रामसुन्दर दास ने कहा कि राजनांदगांव छत्तीसगढ़ का सीमावर्ती जिला है। जहां गौवंशियों के परिवहन की संभावना अधिक होती है। इस पर पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखते हुए कार्रवाई करें। सीएसपी श्री मणीशंकर चंद्रा ने बताया कि पशुओं का अवैध परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। वहीं सभी मामले न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। महामण्डलेश्वर राजेश्री डॉ. महन्त रामसुन्दर दास ने कहा कि अवैध परिवहन करने वाले वाहनों का राजसात की कार्रवाई किया जाना चाहिए। मांस, मछली, कुक्कुट व्यवसायियों द्वारा अधिकांशत: अव्यवहारिक प्रवृत्ति जैसे पक्षी एवं पशुओं को उलटा लटकाकर परिवहन किया जाता है, जो कि पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत आता है। इसे रोकने के लिए पुलिस विभाग द्वारा उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन गौभ्यारण बनाने के विषय में विचार कर रही है। इसके लिए जिले में जगह का चयन किया जाए। वहीं रूग्णालय निर्माण के लिए स्थान का चयन कर प्रस्ताव भेजने कहा है। उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. राजीव देवरस ने पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण के लिए सोसायटी का गठन नियम के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
बैठक में पशुओं के प्रति क्रूरता करने वाले व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी करते हुए उन्हें उचित मार्गदर्शन एवं पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत कार्रवाई के लिए सचेत किया जाना, पशु परिवहन के लिए क्षमता के अनुरूप एवं शासन के नियमानुसार पशुओं का परिवहन किए जाने, सड़कों पर खुले में विचरण करने वाले पशुओं को पशु पालकों की सहायता से खुले में न छोडऩे संबंधी प्रचार-प्रसार, जिले के सभी नगर पालिका, नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत मांस, मछली बाजार पर शासन के नियमानुसार उचित व्यवस्थापन एवं स्वास्थ्य, मांस परीक्षण पशु चिकित्सा सहायता शल्यज्ञ से कराने उपरान्त बिक्री किया जाये एवं मांस, मछली व्यवसायियों का पंजीयन अनिवार्यत: एवं अन्य विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर पशु क्रूरता निवारण समिति के उपाध्यक्ष श्री गिरवर जंघेल, सचिव श्री गिरधारी वर्मा, सदस्य श्री रूपेश दुबे, वन मंडलाधिकारी श्री बीपी सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, सीएसपी श्री मणीशंकर चंद्रा, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. राजीव देवरस सहित अन्य अधिकारी एवं पशु चिकित्सक उपस्थित थे।

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