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कांग्रेस नेता ज्ञानसिंह राजपूत ने हनुमान प्रकटोत्सव पर सरकारी अवकाश की मांग उठाई

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अशोकनगर

मध्य प्रदेश के अशोकनगर में हनुमान जयंती पर सरकारी अवकाश की मांग जोर पकड़ रही है। कांग्रेस नेता और बालरूपी बजरंग अखाड़ा के संचालक ज्ञानसिंह राजपूत ने इस मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। बड़ी संख्या में हनुमान भक्तों के साथ वे कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी मांग को मजबूती देने के लिए स्पीड पोस्ट से भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजा और कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह से फोन पर चर्चा की।

 राजपूत का कहना है कि 12 अप्रैल को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती पर पूरे प्रदेश में अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब अन्य धर्मों के महत्वपूर्ण पर्वों पर अवकाश रहता है, तो सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का सम्मान करते हुए हनुमान जयंती पर भी छुट्टी मिलनी चाहिए। इससे श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के भक्ति और कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे।

कलेक्ट्रेट में गूंजे जयकारे
ज्ञापन देने के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में हनुमान भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। ‘जय हनुमान’ और ‘हनुमान जयंती पर अवकाश दो’ के नारों से माहौल गूंज उठा। लोगों ने एक स्वर में कहा कि सरकार को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। अब देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मांग पर क्या फैसला लेती है। क्या हनुमान भक्तों की यह हुंकार असर दिखाएगी, या यह मांग सिर्फ ज्ञापन और स्पीड पोस्ट तक ही सीमित रह जाएगी?

'अधिक लोग धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकेंगे' अखाड़ा संचालक ज्ञापन सिंह राजपूत ने कहा कि हनुमान जी समस्त हिंदू समाज के आराध्य देव हैं। उन्होंने कहा कि देश में हनुमान जयंती पर अवकाश नहीं होने से सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं पर असर पड़ता है। उन्होंने मांग की कि इस वर्ष से हनुमान जयंती पर अवकाश घोषित किया जाए। इससे अधिक से अधिक लोग धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकेंगे।

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