Site icon

कांग्रेसियों ने कृषि कानून के विरोध में बोला हल्ला

11-2

डोंगरगढ़ . केंद्र सरकार के काले कृषि कानून के विरोध में बुधवार को कांग्रेसियों ने ढारा में किसान सभा आयोजित कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष व विधायक भुनेश्वर बघेल ने कहा तीन काले कृषि कानूनों के देश में लागू होने के बाद जमीन हमारा और फसल व्यापारी का हो जाएगा और किसान बड़े उद्योगपतियों और पूंजी पतियों के गुलाम बन जाएंगे। कृषि कानूनों के आड़ में केंद्र सरकार अनाज खरीदी के जवाबदारी से बचना चाह रही है और न्यूनतम समर्थन मूल्य को समाप्त करना चाह रही है। केंद्र सरकार कृषि मंडियों को समाप्त करने का प्रयास कर रही है।

किसानों के साथ षड्यंत्र कर रही सरकारः धनेश

छत्तीसगढ़ अंताव्यवसायी वित्त विकास निगम के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री धनेश पटिला ने कहा सदन में चर्चा किए बिना कृषि कानूनों को पास करना केंद्र सरकार के षड्यंत्र को दर्शाता है। कृषि कानून लाने के पूर्व केंद्र सरकार को किसान संगठनों से चर्चा कर उनके हित में कानून बनाना था। कृषि कानूनों के लागू होने से मात्र कृषक ही नहीं आम जनता महंगाई से त्रस्त और परेशान हो जाएगी। उन्होंने कहा की भूपेश सरकार से प्रेरणा लेकर केंद्र सरकार को किसान हित में कार्य करना चाहिए। किसान सभा को संबोधित करते हुए जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष प्रभारी महेंद्र यादव ने कहा कि इन कानूनों के माध्यम से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग होने के बाद किसान व्यापारियों और बड़े पूंजीपतियों के गुलाम बन जाएंगे और इस समझौते से अलग नहीं हो पाएंगे। साथ ही निजी क्षेत्र को असीमित भंडारण की छूट देने से अनाज और अन्य कृषि उत्पादों का मूल्य अनियंत्रित हो जाएगा। देश में मनमाने महंगाई बढ़ जाएगी। किसान सभा को एआईसीसी सदस्य क्रांति बंजारे, जिला पंचायत सदस्य पुष्पा वर्मा, ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संजीव गोमास्तव, सुरेश सिन्हा, कमलेश वर्मा, चुमन साहू, जनपद सदस्य दिनेश ठाकुर, नलिनी मेश्राम, भारत भूषण मेश्राम, गोकुल वर्मा सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं ने संबोधित किया।

Exit mobile version