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डीजल के दाम में वृद्धि से बस आपरेटर चिंतित

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राजनांदगांव. शहर के पुराना बस स्टैंड में रविवार को जिला बस-मिनी बस आपरेटर संघ की बैठक हुई। इसमें डीजल के बढ़ते दाम पर चिंता जताते हुए इसे संघ पर आर्थिक मार बताया गया। इसके अलावा कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। संघ ने नीति बनाकर डीजल का दाम बढ़ने पर किराया बढ़ाने व घटने पर किराया भी घटाने की मांग उठाई। अन्य छूट को लेकर भी चर्चा की गई। सभी बिंदुओं पर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने का फैसला किया गया। साथ ही आने वाले दिनों में हड़ताल की भी चेतावनी दी गई है।कोरोना काल की वजह से लगभग 11 माह से संकट का सामना कर रहे जिला मिनी बस आपरेटर संघ ने आवश्यक बैठक की। जिला मिनी बस आपरेटर संघ के अध्यक्ष रईस अहमद शकील के नेतृत्व में हुई इस बैठक में कहा गया कि लगभग 10-11 माह बाद बसों का संचालन शुरू हुआ, लेकिन अभी भी महज 20-30 प्रतिशत सवारी ही मिल रही है और महज 50 फीसद बसों का संचालन ही हो रहा है। इससे बस आपरेटरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

0 बढ़े तो बढ़ाएं, घटे तो घटाएंजिला मिनी बस आपरेटर संघ की पुरानी मांगों के तहत बस आपरेटरों ने कहा कि एक स्थायी नीति बनाई जाए, डीजल के दाम बढ़ने पर किराया बढ़ाया जाए और घटने पर घटाया जाए। डीजल के लगातार बढ़ते दाम और सवारियां नहीं मिलने के चलते उन्हें अपने घर का पैसा लगाना पड़ रहा है। संघ के अध्यक्ष रईस अहमद शकील ने कहा कि मेंटेनेंस का रेडियम 400 का आता है, जिसे लगाने के एवज में 4000 लिया जा रहा है। बस आपरेटरों से अधिक वसूली की जा रही है। डीजल के दाम के अनुसार ही किराया तय किया जाए। इस मुद्दे को लेकर वे कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे और मांगें पूरी नहीं हुई तो हड़ताल भी की जाएगी।

 0 जिलेभर के आपरेटर शामिल हुएबैठक में जिलेभर के मिनी बस आपरेटर संघ के सदस्य शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह, पिकनिक के स्पेशल परमिट राजनांदगांव में नहीं बन रहा है। लोकसभा, विधानसभा चुनाव में लगी बसों की राशि भी अब तक नहीं मिली है। कोरोना काल में बसों का संचालन बंद रहने से बस आपरेटरों, चालकों, कंडेक्टरों के सामने रोजी-रोटी की समस्या व्याप्त है। ऐसी स्थिति में सवारी नहीं मिलने और डीजल के दाम बढ़ने से बसों का संचालन करना मुश्किल साबित हो रहा है।
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