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बजट से आस : खत्म हो लो-वोल्टेज और कटौती की समस्या

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राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ सरकार के बजट में राजनांदगांव जिलेवासी लो-वोल्टेज और बिजली की अघोषित कटौती की समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं। जिले के वनांचल ही नहीं कई ऐसे शहरी क्षेत्रों में भी वोल्टेज की समस्या गंभीर मुद्दा बन रही है। अघोषित कटौती से भी जिले की जनता परेशान हैं। सरकार ने बिजली बिल हाफ कर लोगों को राहत तो दी है, लेकिन वोल्टेज की समस्या और बिजली की कटौती से लोग आक्रोशित हो रहे हैं। खासकर राजनांदगांव जिले से सटा घुमका क्षेत्र, जहां लंबे समय से लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या बनी रहती है। हालांकि पिछले कुछ महीनों से क्षेत्र में वोल्टेज की दिक्कत नहीं हो रही है, पर बिजली की कटौती ने क्षेत्र के रहवासियों को परेशान कर दिया है। इसी तरह जिले के वनांचल के रहवासी भी पर्याप्त बिजली की आस लगाकर बैठे हैं। वनांचल के नक्सल प्रभावित गांवों में एकल बत्ती वाली योजना के तहत ही बिजली पहुंची है। जिले के करीब 98 गांव भगवान भरोसे हैं। यहां सोलर प्लेट के जरिये गांवों में बिजली की व्यवस्था बनाई गई है। बरसात के दिनों में यहां के लोगों को लालटेन का ही सहारा लेना पड़ता है। इसलिए नक्सल प्रभावित व पड़ोसी राज्यों से सटे गांव के लोग विद्युत की समस्या से निजात पाने की आस में है।

00 घुमका ब्लाक का वोल्टेज डाउनजिले में ऐसा कोई गांव नहीं है, जहां तक बिजली नहीं पहुंची है। बस जिले में लो-वोल्टेज की समस्या गंभीर होती जा रही है। बिजली की अघोषित कटौती भी जिले में गंभीर मुद्दा बन रही है। घुमका ब्लाक के दर्जनों गांवों में आए दिन कटौती की समस्या रहती है। इसको लेकर कई बार उग्र आंदोलन भी हो चुका है। क्षेत्र के रहवासी सरकार से लो-वोल्टेज और बिजली की कटौती की समस्या को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार के बजट से जिलेवासियों को यही आस है कि सरकार कटौती व वोल्टेज की समस्या को पूरी तरह खत्म करें। सौर ऊर्जा का प्लांट भी फेलवनांचल के गांवों से अंधेरा दूर करने पूर्ववर्ती सरकार ने जिले के करीब 52 गांवों में सोलर प्लांट से विद्युतिकरण की योजना लायी थी। सौर ऊर्जा के जरिये गांवों में बिजली भी पहुंची, लेकिन सालभर में ही सोलर प्लांट योजना ने दम तोड़ दिया। अंदरूनी गांवों की गलियां दूर तो घरों में भी अंधेरा छा गया है। हालांकि बीते साल इनमें से 44 गांवों में विद्युत वितरण कंपनी ने केंद्र की विद्युतीकरण की योजना के तहत बिजली पहुंचाई है। वो भी लो-वोल्टेज की भेंट चढ़ गया है, जिसके कारण वनांचल के ग्रामीण अंधेरे में ही गुजारा करने को मजबूर हैं।

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