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मादा तेंदुए के शिकार का सरगना पकड़ से बाहर

मादा तेंदुए के शिकार का सरगना पकड़ से बाहर

गंडई-पंडरिया। मकरकुंड जंगल में तेंदुए का शिकार करने वाला मुख्य सरगना अब भी पकड़ से बाहर है। भले ही विभाग ने मामले में कुछ लोगों को जेल भेज दिया है। लेकिन अब भी मुख्य सरगना पुलिस पकड़ से कोसो दूर है। सरगना की गिरफ्तारी नहीं होने पर वन विभाग पर कई सवाल उठ रहे हैं।

विभाग मुख्य सरगना को पकड़ने के बजाय मामले को रफ-दफा करने में जुट गया है। यहीं नहीं विभाग के अफसर मृत तेंदुए का अंतिम संस्कार तो कर दिया, लेकिन अवशेष को उठाना भूल गए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अफसर अवशेषों को संरक्षित रखने में कितना सजग हैं। तेंदुए के शिकार को लेकर गंडई वन परिक्षेत्र के कार्य शैली पर लगातार सवालियां निशान उठ रहे हैं कि आखिर जगह-जगह वनपरिक्षेत्र में वनविभाग द्वारा अलग-अलग टीम बना कर क्षेत्र हिसाब से कार्य किया जाता है तो इसके उसके बावजूद आखिर कैसे इतने निड़रता से तस्करों द्वारा जंगली जानवरों का शिकार कर रहे हैं। अगर मृत तेंदुए का शव बरामद नहीं होता तो यह भी मामला यह दब जाता।

कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

तेंदुए के शिकार के बाद वन विभाग ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल तो भेज दिया है। लेकिन मुख्य सरगना की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। गिरफ्तार पांच लोगों की घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। घर वालों को यकीन हीं नहीं हो रहा है कि परिवार का एक सदस्य तेंदुए का शिकार किया होगा। शिकार के मामले में जेल में बंद एक आरोपित की मां ने बताया कि घर में बेटा अकेला कमाने वाला है, घर में पत्नी, बच्चों के साथ दो छोटी बहने भी है। उसी के कंधे पर घर की जिम्मेदारी थी। लेकिन वन विभाग के अफसरों ने शिकार का आरोप लगाते हुए जेल भेज दिया। वन विभाग की टीम लगातार घर में पहुंचकर जांच कर रही है। शिकार से संबंधित कुछ भी औजर घर पर नहीं मिलेे हैं। इसके बाद भी पकड़ कर जेल भेज दिया।

अवशेष को उठाना भूला विभाग

मृत तेंदुए की दाह संस्कार के बाद वन विभाग अवशेष को उठाना भूल गया। जिस स्थान पर अंतिम संस्कार हुआ वहां तेंदुए के अवशेष पड़े हुए थे, जो विभाग की लापरवाही को उजागर करता है। जंगली जानवर शेर, बाघ, चीतल, तेंदुवा, हिरण के कई अंगों को बहुत कीमती माना जाता है और उसी कीमती अंगों के चक्कर मे इनका शिकार होता है तो विभाग उसका दाह संस्कार कर उसके विभिन्ना अंगों को नष्ट क्यों नहीं करता।

तेंदुए के शिकार मामले में जांच जारी है। शिकार में जो भी संलिप्त पाए जाते है उसकी जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शिकार मामले में जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनके घर से औजार व अन्य सामान तो नहीं मिल हैं। लेकिन दूसरे स्थान से औजारों को बरामद कर लिया गया है।

संजय यादव, डीएफ़ओ खैरागढ़

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