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सरकारी दफ्तरों पर लाखों रुपये का बिजली बिल बकाया

सरकारी दफ्तरों पर लाखों रुपये का बिजली बिल बकाया

खैरागढ़ । सरकारी दफ्तरों में लाखों रुपये का बिजली बकाया है। बिजली कंपनी की बकायादारों की सूची लंबी होती जा रही है। जिसमें सबसे बड़े बकायादारों की सूची में शासकीय विभाग आगे हैं। कंपनी की माने तो बकाया राशि वसूलने के लिए लगातार नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके बावजूद बकायादार विभाग बिजली बिल का भुगतान दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिसके चलते बिजली कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों को वसूली करने बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी विभागों में बिजली बिल लंबे समय से लंबित पड़े हैं। जमा करने विभाग प्रमुखों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बकायादारों की सूची में बड़े सरकारी विभाग शामिल हैं। नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग, वन, शिक्षा, सिंचाई, जनपद सहित अन्य सरकारी दफ्तरों से एक करोड़ 76 लाख के आसपास बिजली खपत की राशि लेनी है। नपा का सबसे ज्यादा बकाया है। कोरोना काल के चलते नपा ने बिल भुगतान को लेकर पहल नहीं की। इससे पहले नपा पर 50 लाख से ऊपर बकाया था। दो साल में सबसे ज्यादा बिल बकाया नपा का ही है। आफिस, बोरपंप, सार्वजनिक भवन, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य छोटे बड़े बिजली कनेक्शनों का नगर पालिका का एवरेज बिल हर महीने आठ लाख रुपये के आसपास होता है। इस हिसाब से देखें तो दो साल में सरकारी दफ्तरों से बकाया वसूली का टोटल डेढ़ करोड़ में 90 प्रतिशत राशि विभाग को नपा से और दस प्रतिशत अन्य सरकारी कार्यालयों से लेनी है।

विभाग ने सात दिन में की नौ लाख रुपये की वसूली बकाया राशि वसूलने बिजली विभाग ने अभियान चलाया तो सप्ताह भर में ही नौ लाख से ज्यादा की रिकवरी हो गई। इसमें घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता ही शामिल हैं। जबकि सरकारी आफिसों से डेढ़ करोड़ से ज्यादा की वसूली बची हुई है। वसूली को लेकर सीएसपीडीसीएल ने कनेक्शन काटने की जगह उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर ज्यादा फोकस किया। हर महीने समय पर बिल भुगतान करने, बिजली बिल हाफ योजना का लाभ लेने की जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। वही पांच सौ से कम बिल राशि वालों को अतिरिक्त समय देकर राशि जमा करने को कहा जा रहा है। पता चला है कि दो उपभोक्ताओं का ही बकाया पांच लाख के आसपास है।

जिन विभागों ने बकाया राशि जमा नहीं की है, उन्हें नोटिस भेजा गया है। बकायादारों को शासन की बिजली हाफ योजना की जानकारी दी जा रही है। एक सप्ताह में नौ लाख रुपये की वसूली हुई है।

– ममता कर्मकार, कनिष्ठ अभियंता, विद्युत विभाग

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