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बिना मास्क लगाए शहर में घूम रहे लोग, दफ्तरों में दुबके अफसर

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राजनांदगांव। शहर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने जिन अफसरों की मैदानी ड्यूटी लगाई है, वे फील्ड में जाना छोड़ दफ्तरों में ही दुबके बैठे हैं। हर अफसर को एक वार्ड की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें सुबह-शाम फील्ड में जाकर कोरोना को लेकर जारी शासन के दिशा-निर्देशों का पालन कराना है, लेकिन ज्यादातर अफसर मैदान में उतर ही नहीं रहे हैं। शहर के सभी 51 वार्डों के लिए सरकारी अधिकारियों की अलग-अलग ड्यूटी लगाई गई है। इनमें जिला प्रशासन के विभिन्ना विभागों के प्रमुखों के साथ ही नगर निगम व पुलिस प्रशासन के भी अधिकारी शामिल हैं। अभी चालानी कार्रवाई के नाम पर जरूर कुछ जगह सक्रियता देखी जा रही, लेकिन शहर के बाहरी हिस्सों के साथ ही श्रमिक बहुल क्षेत्रों में कोई अफसर जा ही नहीं रहा। इस संबंध में कलेक्टर टीके वर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक रहना होगा। प्रशासन अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास कर ही रहा है। अधिकारियों को सुबह-शाम एक-एक घंटे फील्ड में रहने के लिए कहा गया है। अधिकतर जगह से रिपोर्ट आ भी रही है। जरूरत पड़ी तो सख्ती बरती जाएगी।

बाजार में बरती जा रही लापरवाही

हफ्तेभर से कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है, बावजूद बाजार में फिर बेपरवाही से भीड़ जुट रही है। लोग बिना मास्क के घरों से निकल रहे हैं। दुकानों में शारीरिक दूरी के नियम का पालन नहीं हो रहा। दुकानों या अन्य स्थानों पर हैंड सैनिटाइजर नहीं रखे गए हैं। इससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

प्रतिवेदन भी नहीं दे रहे

जिन अफसरों को मैदानी जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें हर दिन जमीनी स्तर पर कोरोना को लेकर जारी प्रोटाकाल का पालन कराना है। बिना मास्क वालों का चालन करना है। शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए व्यवस्था बनानी है। सैनिटाइजर रखने के लिए व्यापारियों को समझाना है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा। इतना ही नहीं दिनभर की कार्यवाही की कलेक्टर-एसपी को रिपोर्ट भी देनी है। इसमें कितनी व क्या कार्यवाही की गई, इसका ब्यौरा दिया जाना है, लेकिन ज्यादातर अधिकारी प्रतिवेदन ही नहीं दे रहे।

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