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सैंपलिंग के दौरान गलत नंबर दिए तो दर्ज होगी एफआइआर

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राजनांदगांव । जिले में कोरोना का केस लगातार बढ़ रहा है। जिले में सक्रिय संक्रमितों की संख्या चार हजार के करीब पहुंच गई है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का वर्क लोड बढ़ गया है। विभागीय कर्मचारियों की परेशानी और वर्क लोड कई संक्रमित मरीज भी बढ़ा रहे हैं। बताया गया कि कोरोना जांच के दौरान कई लोग संक्रमण के डर से मोबाइल नंबर और घर का पता भी गलत बता रहे हैं। इसके कारण पाजिटिव रिपोर्ट आने पर स्वास्थ्य विभाग को संक्रमितों के कांटेक्ट ट्रेसिंग व दवाई वितरण करने में परेशान होना पड़ रहा है। वहीं होम आइसोलेट मरीज भी आइसोलेशन के दौरान बाहर घूम रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ अब स्वास्थ्य विभाग कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथलेश चौधरी ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने की समझाइश दी है।

कोरोना जांच केंद्रों में सैंपल देने पहुंच रहे लोग अपना नाम और सही मोबाइल नंबर दर्ज नहीं करा रहे हैं। पता और नाम-नंबर सही होने से रिपोर्ट देने और कांटेक्टर ट्रेसिंग कर दवाई वितरण करने में आसानी होगी। लेकिन लोग पाजिटिव होने के बाद नाम आने के डर से नाम-पता और मोबाइल नंबर सही नहीं बता रहे हैं। वहीं कुछ लोग धनात्मक परिणाम आने के बाद भी बार-बार सैंपल दे रहे हैं। और लगातार बाहर निकल रहे हैं। सीएमएचओ डा. मिथलेश चौधरी ने कहा कि इसकी जानकारी होने पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गलत मोबाइल नंबर दर्ज कराने पर महामारी एक्ट का उल्लंघन कर एफआइआर कराया जाएगा। यदि परिवार के सदस्यों के पास अलग मोबाइल नंबर हो तो वे सभी स्वयं का मोबाईल नंबर दर्ज कराए। जिससे कांटेक्ट ट्रेसिंग में सही जानकारी लेकर धनात्मक मरीजों के संपर्क में आए लोगों के सैंपल लेकर कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके।

होम आइसोलेशन में बाहर ना निकलें सीएमएचओ डा. मिथलेश चौधरी ने होम आइसोलेट मरीजों को बाहर नहीं घूमने की चेतावनी दी है। बाहर घूमते पाए जाने पर सीधे एफआइआर की कार्रवाई की जाएगी। डा. चौधरी ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहकर उपचार लेने वाले सभी धनात्मक मरीज व परिवार के सदस्य पूर्ण रूप से होम आईसोलेशन प्रोटोकॉल का पालन करें। होम आइसोलेशन प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वाले पर महामारी एक्ट के तहत प्रावधान में एफआइआर किया जाएगा। डॉक्टर की सलाह पर दवाइयों का सेवन नियमित रूप से तापमान व ऑक्सीजन सेचूरेशन की जांच का होम आइसोलेशन कालिंग टीम को अवगत कराए। किसी भी प्रकार से नियमों का उल्लंघन करने पर हम अपने व अपने परिवार की जान को खतरे में डाल रहे हैं। कोरोना बीमारी से डरना नहीं है, बल्कि नियमों का पालन कर हम पूरी तरह से बच सकते हैं। जिससे हम अपने व अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्ति को 17 दिवस पूर्ण रूप से नियमों का पालन करते हुए घर पर रहना है और उसके परिवार का कोई भी सदस्य न तो घर से बाहर जाएगा। न ही बाहर का कोई भी सदस्य घर में प्रवेश करेगा। होम आईसोलेशन धनात्मक मरीज व पारिवारिक सदस्य ना ही दुकान खोलेगा और ना ही काम पर जाएंगे।

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