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लाॅकडाउन के बाद प्रदेश में 226 करोड़ से 155 नई सड़कें-पुलिया

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छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में लाॅकडाउन 20 से 25 अप्रैल के बीच खत्म होगा, इसके तुरंत बाद शासन ने पूरे प्रदेश में सड़कें और पुल-पुलिया बनाने का बड़ा काम शुरू करने का फैसला किया है। छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम (सीआरडीसी) ने 5225 करोड़ रुपए का लोन लिया है और इससे 13 जिलों में 1214 किमी सड़कें व पुल-पुलिया का प्रोजेक्ट फाइनल कर दिया है।

इसमें से 155 सड़कें और पुलिया के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए और 15 मई के बाद इनका काम शुरू हो जाएगा। इस पहले चरण में 226 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह निर्माण लाॅकडाउन के बाद राज्य ही नहीं, आम लोगों की इकानाॅमी के लिए भी ऑक्सीजन के तौर पर लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सरकार तुंहर द्वार अभियान के दौरान सड़कों के जितने आवेदन मिले थे, सभी को इस प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया है। यह पहली बार होगा, जब सीआरडीसी कर्ज के पैसों से सड़कें बनाने जा रहा है। भास्कर को 13 जिलों में पहले चरण में सड़कें-पुलिया के निर्माण का ब्योरा मिला है।

उसके मुताबिक रायगढ़ जिले में सर्वाधिक 40 सड़कें व पुल-पुलिया बनेंगे। इसके बाद दुर्ग जिले में 28 जगह चयनित की गई हैं, जहं सड़कें बनाई जाएंगी। कोरबा, बिलासपुर, सरगुजा, जांजगीर-चांपा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा, बीजापुर, बेमेतरा, बलौदाबाजार, दंतेवाड़ा एवं राजनांदगांव में भी सड़कों के टेंडर जारी किए जा रहे हैं। ज्यादातर सड़कें ग्रामीण पहुंच मार्ग हैं, जिससे भीतरी इलाकों में भी काफी रोजगार मुहैया होगा। सड़क बनने से लोगों को सुविधा मिलेगी, वह अलग है।

सरकार लौटाएगी कर्ज
बैंकों से ली जाने वाली राशि को ब्याज समेत लौटाना भी होगा। इस भारीभरकम राशि को सरकार ही लौटाएगी। इसके लिए संबंधित निर्माण एजेंसी का कोई लेना देना नहीं है। कब और किस तरह कर्ज लौटाना है, इसके लिए बैंकों के साथ अनुबंध होगा। ऐसा भी नहीं होगा कि सड़क या पुल बनने के बाद आम जनता से कोई टैक्स वसूली होगी। कर्ज वापस करने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी, क्योंकि इसके लिए शासन को ही ग्रांटर बनाया गया है। यह राशि पीडब्ल्यूडी के सालाना बजट से अलग होगा। सालभर से तीन साल में लोन की राशि खर्च की जा सकती है।

निर्माण गति तेज करने पहल
नई सरकार बनने के बाद से नई सड़कें व पुल के बड़े प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो सके हैं। इसमें कोरोना संक्रमण को काफी हद तक जिम्मेदार माना जा सकता है। राजधानी की भी बात करें, तो यहां कई फ्लाईओवर-ओवरब्रिज के काम चल रहे हैं। इसे पूरा कराने में पीडब्ल्यूडी अमला लगा हुआ है। नए निर्माण के लिए अभी तक कोई बड़ा प्लान नहीं आया है।

पूरा सिस्टम तैयार, जहां जरूरत, वहां निर्माण
लोन की राशि से सड़क व पुल बनाने के लिए पूरा सिस्टम तैयार हुआ है। पीडब्ल्यूडी पूरा प्रस्ताव बनाकर सीजीआरडीसी को दे रहा है और इसके बाद यहां से राशि स्वीकृत होगी। चूंकि सीजीआडीसी के पास प्रदेशभर में इंजीनियरों की टीम नहीं है, इसलिए बिना स्थानांतरण के पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर ही सभी जगह निर्माण कार्य कराएंगे। निर्माण की गुणवत्ता से लेकर बाकी सभी तकनीकी देखरेख का काम सीजीआरडीसी करेगा। निर्माण में लगाए गए इंजीनियरों की मॉनिटरिंग भी यहीं से होगी।

पहले चरण में राज्य के 13 जिलों में 1214 किमी सड़कें व पुल-पुलिया की सभी साइट पर मई अंत तक काम शुरू हो जाएगा। बैंक से लोन लेने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
-विलास भोसकर संदीपन, एमडी-सीआरडीसी

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