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CG : प्रदेश में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ अंतर्गत अब तक कुल 3.98 लाख लोगों की कि गई स्वास्थ्य जांच व उपचार

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10 हज़ार से अधिक शिविरों के माध्यम से अब तक 2.80 लाख से अधिक महिलाएं हुई लाभान्वित

जांच और उपचार के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता पर भी विशेष जोर

75 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 6869 हितग्राहियों को वितरित किये गए आयुष्मान वय वंदना कार्ड

रायपुर,

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” छत्तीसगढ़ में लगातार नई सफलताएँ अर्जित कर रहा है। बीते तीन दिनों में प्रदेशभर में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लगभग 3,98,542 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया, जिनमें से 2,80,204 महिलाएँ शामिल हैं। यह आँकड़ा महिला स्वास्थ्य भागीदारी और विश्वास को रेखांकित करता है।

अभियान के दौरान लगाए गए 10,000 से अधिक शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर और सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारियों की जांच के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच और बच्चों का टीकाकरण प्राथमिकता में रखा गया। इनमें सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि रही अनीमिया परीक्षण, जिसके अंतर्गत 1,10,065 लोगों की जांच की गई। महिलाओं में अनीमिया की अधिकता को देखते हुए यह प्रयास न केवल उपचार बल्कि समय रहते पहचान सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि साबित हो रहा है।

अभियान के दौरान उपचार और स्क्रीनिंग के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। शिविरों में महिला स्वास्थ्यकर्मियों और विशेषज्ञों द्वारा महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन एवं फोलिक एसिड की खुराक, स्वच्छता एवं जीवनशैली सुधार के संबंध में परामर्श प्रदान किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि महिलाएँ केवल जांच तक सीमित न रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित हों।

इसी अवधि में 33,773 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, 72,610 लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग, 71,985 लोगों की टीबी जांच तथा 13,884 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इसके अलावा 2,24,974 लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित परामर्श दिया गया, जिससे समुदाय में व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता का संचार हुआ है।
छत्तीसगढ़ में चल रहा यह अभियान केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नारी स्वास्थ्य और पोषण जागरूकता के माध्यम से सशक्त परिवार और अंततः सशक्त समाज की दिशा में ठोस कदम सिद्ध हो रहा है।

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