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मध्यप्रदेश में मुआवजे की प्रक्रिया होगी आसान, क्रेडस डैशबोर्ड से मिलेगी बेहतर सुविधा

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भोपाल 

 सड़क दुर्घटनाओं के पीडि़तों को मुआवजे में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए मप्र का 'क्लेमेन्ट रीइम्बर्समेंट एंड डिपॉजिट सिस्टम (क्रेडस) डैशबोर्ड लॉन्च कर दिया गया। यह देश का पहला डैशबोर्ड है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश व कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में इस पोर्टल का शुभारंभ किया। इसे मप्र न्यायपालिका के लिए विकसित किया है।

अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा

मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के लिए बना यह डैशबोर्ड अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेगा। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, पोर्टल न्याय को तेज व नागरिकों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में सार्थक कदम है।

स्वत: संज्ञान याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे निर्देश

यह पहल सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान याचिका के आदेश 22 अप्रैल 25 के अनुपालन में एमपीहाईकोर्ट ने की। इसमें मोटर वाहन अधिनियम, 1988, कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के तहत मुआवजा राशि व विवरण अपलोड किए जाएंगे।

पोर्टल पर मिलेगी ऐसी सुविधाएं

-बीमा कंपनियों या जिम्मेदार पक्षों से ऑनलाइन मुआवजा जमा।

– दावा करने वालों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरण।

– डैशबोर्ड पर वास्तविक समय में राशि-प्रकरण की स्थिति की जानकारी।

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