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राजनांदगांव : जिला राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित…

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जल शक्ति मंत्रालय की जन भागीदारी से जल संचय प्रतिस्पर्धा में राजनांदगांव जिले ने किया बेहतरीन प्रदर्शन

राजनांदगांव । भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा देशभर में जन भागीदारी से जल संचय विषय पर आयोजित राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में राजनांदगांव जिले ने देश में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उत्कृष्ट जिलों में चयनित हुआ है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जिले को 2 करोड़ रूपए की अवार्ड राशि से सम्मानित किया जाएगा। राजनांदगांव जिले ने जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों से छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।

राजनांदगांव के जनता एवं सभी के सामूहिक प्रयासों से कारगर परिणाम प्राप्त हुए हैं। इस सफलता का श्रेय राजनांदगांव जिले के सामुदायिक संगठनों, नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, उद्योग-व्यापार जगत के उद्यमियों और स्थानीय प्रशासन के मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले अंतिम कर्मचारी एवं मेहनतकश श्रमिको के संयुक्त प्रयासों को है।

गौरतलब है कि जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सैकड़ों संरचनाओं का निर्माण जन सहयोग से किया गया। ग्रामीण स्तर पर पानी बचाने के लिए विभिन्न अभियानों का संचालन किया गया। जनभागीदारी को केंद्र में रखकर स्थायी समाधान तैयार किए गए। इन्हीं सतत प्रयासों ने राजनांदगांव को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और जिले को टॉप-3 जिलों में शामिल किया। जिले की पद्मश्री फूलबासन यादव एवं उनके समूह ने नीर एवं नारी जल यात्रा निकालकर समाज में जागरूकता की अनूठी मिसाल पेश की।

उनके नेतृत्व और समूह की सक्रियता ने जल संरक्षण अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। महिलाओं की यह भागीदारी इस सफलता की प्रमुख आधारशिला साबित हुई। उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यह प्रतिस्पर्धा देशभर के जिलों में जल संरक्षण, संवर्धन एवं प्रबंधन में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।

संरचनाओं, नवाचार, जन-जागरूकता और स्थायित्व को प्रमुख मानदंड बनाया गया। राजनांदगांव जिले की यह महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित करती है कि जन-भागीदारी से ही स्थायी जल समाधान संभव है। यह सफलता पूरे राज्य और देश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बन रही है। अब आवश्यकता है कि हम सभी राजनांदगांव के जनसामान्य जल के उपयोग और संरक्षण को तथा भू-जल संवर्धन को अधिक से अधिक प्राथमिकता देकर अपने आने वाले कल के लिए अधिक से अधिक संरक्षित करें क्योंकि जल है तो ही कल है।

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