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लॉकडाउन में मीटर रीडिंग नहीं इसलिए भेजेंगे औसत बिजली बिल

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रायपुर।  कोरोना वायरस की दूसरी लहर को तोड़ने के लिए प्रशासन ने लॉकडाउन लगाया हुआ है। नौ अप्रैल से 19 अप्रैल तक के लिए लगाए गए लॉकडाउन को पहली बार बढ़ाकर 26 अप्रैल तक किया गया और फिर दोबारा प्रशासन ने लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाकर पांच मई तक कर दिया है। ऐसी परिस्थिति में कई घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग नहीं हो पाई है। लिहाजा, बिजली विभाग ने औसत बिजली बिल देने का निर्णय लिया है।

पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी के एमडी हर्ष गौतम ने बताया कि इस कोरोना संक्रमण के कठिन समय में औसत बिलिंग भी सामान्य माहों की ही भांति हो, इसके लिए बिलिंग सॉफ्टवेयर में पावर कम्पनी द्वारा प्रावधान किया गया है। परिणाम स्वरूप औसत बिल भी पूर्व में आ रहे बिल के आस-पास का ही रहेगा।

उपभोक्तागण यदि चाहें तो पहले की भांति ही अपने बिजली मीटर की रीडिंग को मोर बिजली एप्प में दर्ज कर रीडिंग के आधार का बिजली बिल अब भी प्राप्त कर सकेंगे। आगामी माह में वास्तविक रीडिंग बिल जारी होने पर औसत बिलिंग का समायोजन भी होगा।

उपभोक्ताओं को खपत यूनिट के स्लैब के लाभ के साथ साथ हाफ बिजली बिल योजना का लाभ भी पूरी तरह मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं का औसत बिजली का बिल वास्तविक खपत से ज्यादा चला गया होगा, उसका समायोजन आगामी माह में कर दिया जाएगा। इसी तरह से जिन उपभोक्ताओं का औसत बिजली का बिल वास्तविक खपत से कम पहुंचा होगा, उनका बिजली का बिल आगामी माह में वास्तविक रीडिंग के साथ जोड़कर भेज दिया जाएगा।

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