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Rajnandgaon : जिला जेल राजनांदगांव में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के संबंध में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन….

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राजनांदगांव। जिला जेल राजनांदगांव में शुक्रवार 18 अक्टूबर 2025 को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (श्रम न्यायालय) राजनांदगांव अमित जिन्दल के मार्गदर्शन में किया गया।

शिविर के दौरान न्यायाधीश श्री जिन्दल ने उपस्थित बंदियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के विभिन्न प्रावधानों एवं उनके अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संहिता की धारा 23 में अपराधियों के पुनर्वास की भावना के साथ न्याय की अवधारणा को आगे बढ़ाया गया है। वहीं धारा 289 के अंतर्गत ऐसे अपराधों के लिए सजा का प्रावधान है जिनमें सात साल तक की सजा निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि यदि आरोपी महिला है, 14 वर्ष से कम आयु का बालक है या देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित कोई विशेष परिस्थिति है, तो ऐसे मामलों में न्यायालय अपराध के स्वरूप और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दंड में रियायत दे सकता है।

न्यायाधीश ने आगे बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 290 के तहत आरोपी यदि 30 दिनों के भीतर आवेदन प्रस्तुत करता है, तो उसका मामला आपसी बातचीत से 60 दिनों के भीतर निपटाया जा सकता है। साथ ही, धारा 401 के अंतर्गत अपराधी परीक्षण अधिनियम, 1958 के तहत आरोपी को परिवीक्षा पर भी रिहा किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं बल्कि सुधार और पुनर्वास भी है। इसलिए प्रत्येक बंदी को अपने अधिकारों और विधिक सहायता के अवसरों की जानकारी होना आवश्यक है।

शिविर में उपस्थित जेल अधीक्षक, जेल कर्मियों एवं बंदियों ने कार्यक्रम का लाभ लिया। इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्यगण एवं न्यायालय के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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