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Rajnandgaon : राज्य बनने से उम्मीद की रोशनी 117 गांवों में पहुंचाई बिजली…

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राजनांदगांव, राज्य स्थापना के बाद पहली बार अविभाजित राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित आदिवासी बाहुल्य इलाकों में बिजली पहुंची। बिजली पहुंचने की खुशी में ग्रामीणों ने पटाखे फोड़े। ग्रामीणों की दिनचर्या व जीवन में एक बड़ा बदलाव आया।

आज तक इन 117 गांवों के 1820 परिवार बिजली से वंचित थे। इनका जीवन 15 साल पहले स्थापित सौर उर्जा की रोशनी से कट रहा था जो वर्तमान में खराब हो चुका है। एक तरह से ग्रामीण यहां लालटेन और चिमनी के भरोसे अपना जीवन यापन करते आ रहे थे। राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक शिरीष शैलेट ने बताया इन गांवों तक सड़क मार्ग से पहुंच पाना भी मुश्किल था। सभी परिवारों को कनेक्शन दिया जा चुका है।

गांवों में 45 किमी 11 केवी लाइनए 87 नग निम्नदाब पोल विस्तार किया गया। वहीं 17 नग 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगाए गए। नक्सल प्रभावित गांवों में बिजली पहुंचाना चुनौती भरा कार्य रहा। विषम परिस्थितियों में बिजली कर्मियों ने काम पूरा किया। 11 गांवों में 11 केवी लाइन बिछाने वन विभाग से एनओसी लेनी पड़ी। मुख्यमंत्री मजराटोला योजना अंतर्गत स्वीकृत 3 करोड़ की राशि से कार्य हुआ।

ग्रामीणों का कहना है वन क्षेत्र में डर और असुरक्षा का माहौल नहीं रहा। बच्चे रात में एलईडी की रोशनी में पढ़ते हैं। अंधेरा होने से पहले काम निपटाने का टेंशन नहीं रहता। ग्रामीण बिजली आधारित उद्योग शुरू करेंगे। रोजगार मिलेगा। लालटेन युग का अंत होने से बेहतर भविष्य होगा। एमएमसी जिले के नक्सल प्रभावित वनों से घिरे कातुलझोरा कट्टापार बोदरा बुकमरका संबलपुर गट्टेगहन आमाकोड़ो पीटेमेटा टाटेकसा कुंदलकाल रायमनहोरा नैनगुड़ा मेटातोडके कोहकाटोला एडसमेटा एवं कुंजकन्हार मजराटोला में बिजली पहुंची है।

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