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मोहला : जिले में 647 खसरे एग्रीस्टेक पोर्टल से जुड़े, लंबित खसरों की संख्या 5 हजार 617

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– छूटे खसरों को जुड़वाने धान उपार्जन केंद्रों पर 15 दिसम्बर तक लगेंगे शिविर

     मोहला । शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी हेतु भारत सरकार कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन अनिवार्य किया गया है।
      वर्तमान में एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत कृषकों के ऐसे खसरे जो एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत थे, वे कैरी फारवर्ड हो गए हैं, परंतु वो समस्त खसरे एग्रीस्टेक में फार्मर आईडी के साथ लिंक नहीं है। किसानों को धान विक्रय में असुविधा नहीं हो, इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी छूटे हुए खसरे को एग्रीस्टेक पोर्टल में यूएफआर (यूनिफाइड फार्मर रजिस्ट्री) के माध्यम से जोड़ा जाना है, ताकि समिति स्तर पर सभी खसरे धान खरीदी हेतु उपलब्ध हो सके। जिले में वर्तमान में लंबित खसरों की संख्या 5 हजार 617 है। वही इन चार दिनों में 647 खसरें एग्रीस्टेक पोर्टल में जुड़ चुके हैं।


       एग्रीस्टेक पोर्टल में यूएफआर करने के लिए सभी समितियों के धान उपार्जन केंद्रों में आगामी 15 दिसंबर तक शिविर लगाए जा रहें हैं। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिले के किसानों से अपील की है कि जिनके खसरें लंबित हैं वे धान उपार्जन केंद्रों में आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाईल नंबर एवं बी-वन खसरा, ऋण पुस्तिका जैसे भूमि विवरण दस्तावेज सहित उपस्थित होकर अपने छूटे हुए खसरों को जुड़वाना सुनिश्चित करें, ताकि धान विक्रय में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

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