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Rajnandgaon : पतंजलि योग समिति द्वारा 28वीं कड़ी के तहत पीटीएस ग्राउंड में योग प्रशिक्षण दिया गया…

राजनांदगांव, योग गुरू बाबा रामदेव के मार्गदर्शन से पतंजलि योग समिति द्वारा 28वीं कड़ी के तहत पीटीएस ग्राउंड में योग प्रशिक्षण दिया गया। इसमें 450 प्रशिक्षार्थी पुलिस जवानों को योग जीवन जीने की कला के माध्यम से सुबह 6.30 बजे आसन, प्राणायाम कराया गया। ध्यान के महत्व की जानकारी दी, जीवनोपयोगी, सरल और सारगर्भित सिद्ध विचारों को बताया गया। ध्यान मन का शुद्धिकरण है। ध्यान मन की विषमताओं को शांत करता है। ध्यान हमें वर्तमान में स्थापित करता है, चिंता से मुक्त सही निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।

ध्यान की निरंतरता से विचारों की स्पष्टता बढ़ती है और अनावश्यक मानसिक शोर स्वतः घट जाता है। ध्यान स्वयं से मिलने की कला है यह आत्मविश्वास, करुणा और संतुलन का स्रोत बनता है। प्राणायाम करोड़ों कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान कर शरीर को भीतर से नया करता है। सम्यक श्वास भावनाओं को नियंत्रित करती है, प्राणायाम तनाव प्रबंधन का सरल साधन है। धीमी, लंबी और गहरी श्वास आयु बढ़ाती है, तेज और उथली श्वास आयु घटाती है, यह योग का सदा-सिद्ध नियम है। प्राणायाम बुद्धि को तीक्ष्ण और मन को स्थिर बनाता है, जिससे कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाती है।

सभी आसन और विधाओं का अभ्यास कराया गया आसन शरीर की भाषा है, संतुलित आसन अभ्यास शरीर को लचीला, रोगमुक्त बनाता है। सभी को आसन की विधाओं का अभ्यास कराया गया। आसन शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि शरीर, मन, श्वास का समन्वय है, यही इसे योग बनाते है। नियमित आसन अभ्यास से जीवन में अनुशासन, सहनशीलता और स्थिरता आती है। हर आसन एक संदेश देता है धीरे चलो, सजग रहो, और अपने शरीर के प्रति कृतज्ञ बनो। ध्यान मन को साधता है, इसके साथ ही प्राणायाम श्वास को, और आसन शरीर को जब तीनों मिलते हैं तब जीवन योगमय हो जाता है।

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