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आरक्षक से 86 हजार की आनलाइन ठगी

आरक्षक से 86 हजार की आनलाइन ठगी

डोंगरगांव। ग्राम रूदगांव निवासी आरक्षक से आनलाइन 86 हजार रुपये ठगी होने का मामला समाने आया है। शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। छत्तीसगढ सशस्त्र बल में कार्यरत समीपस्थ ग्राम रूदगांव निवासी एक आरक्षक के साथ गत दिनों आनलाइन ठगी हो गई।

शातिर ठगों ने आरक्षक को अपने झांसे में लेकर तीन-चार बार में उसके खाते से 86 हजार रुपये पार कर दिए। रूदगांव निवासी दिलीप कुमार सोनकर 29 साल, सशस्त्र बल अंतर्गत थाना कोकड़ाझोर जिला नारायणपुर में ट्रेड आरक्षक के पद पर पदस्थ है।

उसके अनुसार गांव में रहने वाले उसके भाई संजय सोनकर को उसके मोबाईल नंबर पर विगत सात मई को एक अज्ञात मोबाइल नंबर 8135033640 के धारक द्वारा कालकर कर तुम्हारा दोस्त बोल रहा हूं, पहचानो बोलने पर संजय ने कहा कि सुदीप बोल रहा है क्या। तो सामने वाले ने हां मैं सुदीप बोल रहा हूं। मुसीबत में हूं, मुझे नौ हजार रुपये की जरूरत है। जिसे में 24 घंटे में लौटा दूंगा।

संजय झांसे में आ गया और अपने भाई दिलीप को कालकरके बोला कि आप के पास पैसा है तो गूगल पे से नौ हजार रुपये डाल दो। तब आरक्षक ने छोटे भाई द्वारा दिए मोबाइल 9707351593 पर गूगल पे के माध्यम से नौ हजार रुपये डाल दिया। बाद में ठगे जाने के अंदेशे से मोबाइल 8135033640 में काल करके बोला कि पैसा वापस कर दो। बोलने पर सामने वाले ने कहा कि 24 घंटे के बाद वापस कर दूंगा।

क्षेत्र में इन दिनों रात के समय सुनसान निर्माण कार्य स्थलों से लोहे के छड़ों की चोरी होने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। ऐसे मामले लगातार सामने आने से ऐसा लगता है कि कोई गैंग है, जो इन घटनाओं को अंजाम दे रहा है। ताजा मामला समीपस्थ ग्राम अर्जुनी के सुखरी खार का है।

पुलिस ने बताया कि वार्ड सात सिनेमा लाइन डोंगरगांव निवासी ईश्वर सोनकर द्वारा सुखरी खार अर्जुनी स्थित अपने स्वयं की निजी भूमि पर मकान का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। वहां पर उसके द्वारा सात क्विंटल लोहे का छड़ खरीदकर रखा गया था।

जिसमें से तीन क्विंटल छड़ कालम आदि में उपयोग हुआ था। बीते दिवस वह रात में निर्माण स्थल को बंद करके अपने घर आ गया था। दूसरे दिन मकान ठेकेदार जब सुबह वहां पहुंचा तो नियत स्थान पर छड़ न पाकर उसको काल किया और बताया कि रात में किसी ने शेष बचे छड़ की चोरी कर ली है। पुलिस मामले में अपराध दर्ज कर जांच में जुट गई है।

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