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CG : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल प्रांतीय मझवार महासम्मेलन में हुए शामिल

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उदयपुर विकासखंड में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा

रायपुर,

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के रामगढ़ उदयपुर में आयोजित प्रांतीय मझवार महासम्मेलन में शामिल होकर समाज के लोगों से सीधा संवाद किया। अग्रवाल ने उदयपुर विकासखंड में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा करते हुए अपने संबोधन में कहा कि मझवार समाज ने सदैव परिश्रम, ईमानदारी और अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के बल पर सरगुजा अंचल की अस्मिता एवं विकास में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है और इस दायित्व को पूरी संवेदनशीलता के साथ निभाया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और युवा पीढ़ी की शिक्षा तथा आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर विकास की मुख्यधारा में अग्रसर हो सकता है। मंत्री ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से आग्रह किया कि वे उच्च शिक्षा और कौशल विकास के उपलब्ध अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, ताकि रोजगार और स्वरोजगार दोनों के लिए रास्ते खुल सकें।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने मझवार समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोकगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिकता के साथ‑साथ अपनी जड़ों से जुड़ाव बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय और पारंपरिक समुदायों की    सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और प्रसार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनमें उत्सव, सांस्कृतिक महोत्सव और लोककला मंचों का विशेष योगदान है। अग्रवाल ने यह भी कहा कि पर्यटन विकास के साथ स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे न केवल क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने समाज के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे सरकार के साथ समन्वय कर अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक विशेषताओं को चिन्हित और संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

राजेश अग्रवाल ने आगे कहा कि “राज्य सरकार समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। वंचित और पिछड़े समुदायों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान हमारी प्राथमिकता है और मझवार समाज सहित सभी संवेदनशील वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि “हमारा प्रयास है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में ऐसी योजनाएं लागू हों, जिनका लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचे और कोई भी समाज स्वयं को उपेक्षित महसूस न करे।”

अग्रवाल ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए मझवार समाज के वरिष्ठजनों, नवयुवकों और महिलाओं की सराहना की और आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भी समाज इसी एकजुटता के साथ शिक्षा, जागरूकता और संगठन के मार्ग पर आगे बढ़ता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में मंत्री अग्रवाल को मझवार समाज की ओर से पारंपरिक प्रतीक चिह्न भेंट किए गए।

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