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Rajnandgaon : श्री मदभागवत कथा पुराण में रुखमनि और कृष्ण का विवाह एक भव्य और आश्चर्यकारी समारोह में हुआ था..

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तिल्द, तिल्दा समीपस्थ ग्राम पंचायत मोंहदी में चल रहे श्री मदभागवत कथा पुराण में कथा व्यास पंडित दुर्गा प्रसाद तिवारी ने कहा कि व्यासजी ने रुक्मिणी विवाह संस्कार का वर्णन महाभारत में किया है। उनके अनुसार, रुखमनि और कृष्ण का विवाह एक भव्य और आश्चर्यकारी समारोह में हुआ था। रुक्मिणी के पिता, राजा भीष्मक ने विवाह की तैयारी शुरू की। उन्होंने पूरे शहर को सजाया और कई अतिथियों को आमंत्रित किया। कृष्ण और उनके साथी भी विवाह में शामिल होने के लिए पहुंचे।

विवाह के दिन, रुक्मिणी को सजाकर मंदिर में लाया गया। कृष्ण ने रुक्मिणी को देखा और उसके सौंदर्य से मोहित हो गए। विवाह संस्कार शुरू हुआ, जिसमें पंडितों ने वेद मंत्रों का उच्चारण किया। कृष्ण ने रुक्मिणी को वरमाला पहनाई और रुक्मिणी ने कृष्ण को वरमाला पहनाई। इसके बाद, कृष्ण और रुखमनि ने सप्तपदी की, जिसमें उन्होंने सात कदम साथ में चलकर अपने जीवन की शपथ ली। उन्होंने एक दूसरे के साथ जीवन भर साथ रहने की शपथ ली। इस दौरान अंचल के विधायक व मंत्री टंकराम वर्मा पूर्व जिला महामंत्री अनिल अग्रवाल, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष नरसिंह वर्मा सहित ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

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