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Rajnandgaon : 30 वर्षों पुराने और मृतप्राय कुओं को पुनर्जीवित किया गया…

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डोंगरगांव, पर्यावरण संरक्षण को व्यवहार में उतारते हुए डोंगरगांव के भोज कुमार साहू ने नगर की जल विरासत को नया जीवन दिया है। उनकी पहल से नगर के 30 वर्षों पुराने और मृतप्राय कुओं को पुनर्जीवित किया गया है।

आधुनिक बोरवेल और नल-जल योजनाओं के दौर में उपेक्षित हो चुके इन पारंपरिक जल स्रोतों को न सिर्फ संरक्षित किया गया, बल्कि उन्हें दोबारा जीवंत जल स्रोत के रूप में विकसित किया गया है। कुआं पुनर्जीवन अभियान के तहत पहले चरण में कुओं की बाहरी सफाई कर वर्षों से जमी गाद, कचरा और अवरोध हटाए गए। इसके बाद कुओं के बाहरी हिस्से का रंग-रोगन और संरक्षण कार्य किया गया, जिससे वे सुरक्षित होने के साथ-साथ आमजन के लिए आकर्षण का केंद्र भी बने। यह कार्य लगभग पांच दिनों में पूर्ण हुआ, जिस पर करीब 40 हजार रुपए का खर्च आया। खर्च की पूर्ति जनसहयोग और भोज कुमार साहू की व्यक्तिगत राशि से की गई।

मार्च में कुओं की सफाई करेंगे: डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय के एनएसएस के 10 छात्र-छात्राओं ने श्रमदान किया। प्रत्येक कुएं पर जल बचाओ, कुआं बचाओ – भविष्य बचाओ जैसे जागरूकता स्लोगन लिखे गए, भोज कुमार के अनुसार मार्च में कुओं की पुनः गहन अंदरूनी सफाई की जाएगी।

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