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राजनांदगांव : देवताओं ने भगवान शिव से निवेदन किया आप विवाह करें, उनका विवाह परमार्थ के लिए हुआ…

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राजनांदगांव अंबागढ़ चौकी , ग्राम सिंगाभेड़ी आयोजित शिव महापुराण में अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता बाल योगी विष्णु अरोड़ा (जावरा रतलाम मध्य प्रदेश) ने भगवान शिव और पार्वती मिलन की कथा वर्णन किया। कहा प्रजापति दक्ष की कन्या स्वधा जिनकी तीन पुत्री हुई। ये तीनों पुत्री भगवान को पाना चाहती थीं किंतु इस जन्म में संभव नहीं हुआ। दूसरे जन्म में तीनों कन्याओं ने भगवान को प्राप्त किया और यह तीनों माताएं अपनी पुत्री के कारण प्रसिद्ध हुई। धन्या जो दूसरे जन्म में उनके यहां माता पार्वती का जन्म हुआ। नारद जी उनके हस्तरेखा देखें उनका नाम उमा, अंबिका, भवानी कहा।

पार्वती ने तपस्या किया शिव को प्राप्त किया, किंतु पार्वती ने कहा मेरे पिता से हाथ मांगना होगा। भगवान नट का रूप लेकर गए हाथ मांगे किंतु एक राजा अपने राजकुमारी का विवाह एक नट के साथ कैसे करें, बड़ी असमंजस रही बाद में माता पार्वती को भगवान शिव का दर्शन हुआ नटराज रूप में देवाधिदेव महादेव ही हैं। इस विवाह का कारण तारकासुर जिसे ब्रह्माजी के द्वारा वरदान था मृत्यु शंकर के पुत्र से होना है। समाज में खूब अत्याचार किया। देवताओं ने जाकर भगवान शिव को जगाया शिव के क्रोध अग्नि से कामदेव जलकर भस्म हो गया।

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