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CG : इंग्लैंड में नेहा देवांगन की पेंटिंग छाई …

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भिलाई। छत्तीसगढ़ की सरजमीं से निकलकर यूनाइटेड किंगडम इंग्लैंड में अपनी कला का जौहर दिखा रही हैं नेहा देवांगन। भिलाई और नागपुर विश्वविद्यालय से दीक्षित नेहा मुंबई जहांगीर आर्ट गैलरी के इतिहास में दो पुरस्कार एक साथ जीतने वाली पहली कलाकार बनी हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन दृश्यकला संकाय में कला के श्रेष्ठतम प्रदर्शन पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली में ललित कला अकादमी के एक्जीक्यूटिव बोर्ड मेंबर डॉ अंकुश देवांगन, प्रख्यात माडर्न आर्ट चित्रकार डी.एस.विद्यार्थी, बी.एल.सोनी, सुप्रसिद्ध मूर्तिकार मोहन बराल, मीना देवांगन, रंगकर्मी प्रवीण कालमेघ, विजय शर्मा, साहित्यकार मेनका वर्मा और छत्तीसगढ़ी कला जगत के समस्त कलाकारों ने उन्हें बधाई दी है।

चित्रकार और कला समीक्षक डी.एस. विद्यार्थी ने कहा है कि नेहा देवांगन की कला केवल भावनात्मक अभिव्यक्ति का साधन नहीं है, बल्कि एक गूढ़ विश्लेषणात्मक प्रक्रिया है।

उनकी कृतियों में तनाव, प्रतिरोध, मनोवैज्ञानिक और मुक्तिक्रम एक साथ उपस्थित रहते हैं। उनकी कला संवेदनात्मक अनुभव की दिशा में विस्तृत हो रही है। अनिश्चितताओं से भरे समकालीन कलाजगत में नेहा देवांगन की कला सहज, सरल ना होकर जटिलता और संतुलन के साथ पुनर्निर्माण की संभावनाएं बनाए रखती है। नेहा देवांगन स्वयं कहती हैं कि वे अमूर्तन के माध्यम से मन और ऊर्जा की खोज कर रही हैं। उनकी पेंटिंग में त्रिकोण संतुलन और पूर्णता पाने की कोशिश है, जबकि सच्ची पूर्णता कभी पूरी नहीं होती।

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