Site icon

मध्य प्रदेश में खसरे का खतरा बढ़ा, 4 जिलों में 12 केस मिले; घर-घर सर्वे शुरू

Khasra_02.jpg

भोपाल

मध्य प्रदेश में एक बार फिर संक्रामक बीमारी खसरे (मीजल्स) ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। फरवरी 2024 के बाद, अब 2026 में प्रदेश के चार जिलों- अलीराजपुर, दतिया, शिवपुरी और बुरहानपुर में खसरे के 12 नए मामले सामने आए हैं। इन क्षेत्रों में बुखार, शरीर पर दाने और खांसी के लक्षणों वाले मरीजों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। गौरतलब है कि साल 2024 में मैहर में खसरे से दो बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब मिल रहे नए केस ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
प्रभावित जिलों की स्थिति: कहां कितने मरीज?

स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) ने प्रभावित गांवों का दौरा कर सैंपल लिए, जिसकी रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई है:

संक्रमण फैलने का मुख्य कारण 'टीकाकरण में चूक'

खसरे के दोबारा उभरने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं।

बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है खसरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, खसरा न केवल श्वसन तंत्र पर हमला करता है, बल्कि बच्चों में अंधेपन (Blindness) का भी एक बड़ा कारण है। दुनिया भर में हर साल करीब 60 हजार बच्चे इसके कारण अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं।

प्रमुख लक्षण और जटिलताएं

बचाव और सरकारी प्रयास    

 

Exit mobile version