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मध्य प्रदेश के इस शहर की बदलेगी तस्वीर, 1000 करोड़ के निवेश से युवाओं को मिलेगी बड़ी नौकरी की सौगात

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उज्जैन
प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर उज्जैन को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एमपीआइडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा विकसित किए जा रहे विक्रम् उद्योगपुरी फेज-2 का श्रीगणेश हो गया हैं। लगभग 488 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने जा रहे सबसे पहले एल्केम लेबोरेट्रीज लिमिटेड (Alkem Laboratories Limited) को 30 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।

कंपनी यहां टैबलेट, कैप्सूल और इंजेक्शन जैसे फार्मास्यूटिकल उत्पादों के निर्माण के लिए अत्याधुनिक इकाई स्थापित करेगी। यह उज्जैन को औषधि निर्माण के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। इस इकाई के शुरू होने से लगभग 2000 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि परिवहन, पैकेजिंग, सप्लाई चेन और अन्य सहायक गतिविधियों के माध्यम से बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होंगे।

382 हेक्टेयर भूमि निर्धारित
विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में औद्योगिक इकाइयों के लिए 382 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है, जहां सैकड़ों औद्योगिक भूखंड विकसित किए जाएंगे। इस औद्योगिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास पर करीब 455 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डीएमआईसी विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड के बोर्ड से इन विकास कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना के तहत यहां सड़क नेटवर्क, स्ट्रीट लाइट, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, पेयजल आपूर्ति नेटवर्क, एलिवेटेड सर्विस रिजरवॉयर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 33 केवी और 11 केवी विद्युत लाइन, सबस्टेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट तथा आईसीटी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
 
उल्लेखनीय है कि विक्रम उद्योगपुरी फेज-1 को करीब 773 एकड़ में विकसित किया गया था, जिसका उद्घाटन अक्टूबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह औधोगिक टाउनशिप देश की महत्वाकांक्षी विल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना का हिस्सा है। फेज-1 में सभी भूखंड आवंटित हो चुके हैं, जहां पेप्सिको, अमूल, वोल्वो-आयशर, फेना, सुधाकर पाइप्स और इस्कॉन बालाजी जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां आ चुकी हैं।

फार्मा हब की नई पहचान मिलेगी
विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 उज्जैन जिले के औधोगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह परियोजना न केवल बड़े निवेश को आकर्षित करेगी बल्कि आने वाले समय में उज्जैन को प्रवेश के प्रमुख औधोगिक और फार्मा हब के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।- राजेश राठौड़, कार्यकारी संचालक, एमपीआइडीसी

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