Site icon

सांसद सरोज पांडे ने कहा- इंदिरा सरकार की तरह छत्तीसगढ़ में अभिव्यक्ति को खत्म किया जा रहा, रीट्विट करने पर पुलिस घर आ जाती है

26

राज्यसभा की सांसद सरोज पांडे ने 46 साल पूरे कर चुके आपातकाल को याद करते हुए रायपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने सन 1975 के आपातकाल जैसे हालातों की तुलना छत्तीसगढ़ के मौजूदा माहौल से की। उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ समेत जिन मुट्ठी भर प्रदेशों में कांग्रेस या उसके प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष समर्थित दलों का शासन है, वहां क्या हो रहा है, देख लीजिये। प्रदेश की कांग्रेस सरकार का उदाहरण तो सबसे नया है।

सरोज पांडे ने हाल ही में डॉ रमन सिंह पर कांग्रेस नेताओं द्वारा करवाई गई FIR का जिक्र करते हुए कहा कि यहां किसी ट्वीट को रीट्वीट तक करना बड़ा अपराध बना दिया जाता है। भाजपा प्रवक्ता की आवाज़ को पुलिसिया डर दिखाकर दबाने, राष्ट्रीय पत्रकारों पर सौ-सौ मुकदमें दर्ज करने में का काम किया जा रहा है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस स्टेशन के सामने ही पत्रकारों से हिंसा तक की जाती है, महज़ इसलिए क्योंकि वह आपसे असहमत हैं और आप वैसे ही उनकी अभिव्यक्ति की आज़ादी को ख़त्म करना चाहते हैं जैसा इंदिरा सरकार ने किया था।

भाजपा मना रही काला दिवस
दरअसल आपातकाल 25 जून के ही दिन पूरे देश में इंदिरा गांधी की सरकार के वक्त लागू किया गया था। इसे भाजपा काला दिवस कह रही है। सरोज पांडे ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में किस तरह से असहमति के कारण अभिनेत्री का घर ढाह दिया जाता है, पत्रकारों के साथ कैसा सलूक होता है। पालघर के साधुओं को भीड़ द्वारा लिंच कर देने की खबर दिखाने के कारण अर्णव गोस्वामी और उनकी टीम के साथ कांग्रेस समर्थित सरकार ने वहां कैसा बर्बर अत्याचार किया, यह उदाहरण सामने है।

फिरंगियों-अंग्रेजों से गांधी-सुभाष के नेतृत्व में लड़ कर हमें जो आज़ादी मिली थी, वह 1975 में हमने खो दी थी। कांग्रेस ने वह आज़ादी हमसे छीन ली थी। यह दूसरी आज़ादी हमने कांग्रेस से लड़ कर पायी है, कांग्रेस ने अपनी आज़ादी की विरासत को, तब ही ख़त्म कर दिया था। भारतीय संविधान और लोकतंत्र आज के भाजपा (तब का भारतीय जनसंघ) के नेता अटल-आडवाणी-नानाजी जैसे राष्ट्रवादियों का हासिल किया। कांग्रेस ने लगातार यह साबित किया है कि भारतीय लोकतंत्र, देश की एकता और अखण्डता का कांग्रेस के लिए तब कोई महत्त्व नहीं रहता है। सत्ता के मद में चूर होकर कांग्रेस या ऐसा कोई दल फिर से इस भयानक इतिहास को दोहराने का साहस नहीं कर पाये, इस लिए हमेशा सचेत रहने की ज़रुरत है।

Exit mobile version