Site icon

CG : सरकार से मिली अनुमति, शराब घोटाले में अब 29 आबकारी अफसरों की जल्द होगी गिरफ्तारी …

CG: Another murder incident in Mandir

रायपुर। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में संलिप्त 29 आबकारी अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा चलाने (अभियोजन) की आधिकारिक अनुमति राज्य सरकार ने दे दी है।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मिली इस हरी झंडी के बाद अब महकमे में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि इन अधिकारियों की गिरफ्तारी जल्द होगी।

वर्तमान में सभी अधिकारी निलंबित हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की फाइल पिछले एक महीने से मंत्रालय के गलियारों में दबी हुई थी। चर्चा है कि शासन स्तर पर कुछ प्रभावशली लोग इन दागी अधिकारियों को बचाने की जुगत में लगे थे। हालांकि, विभागीय मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ा रुख अख्तियार किया। जैसे ही फाइल मंत्री के पास पहुंची, उन्होंने बिना देरी किए इस पर हस्ताक्षर कर दिए, जिसके बाद फाइल वापस ईडी को सौंप दी गई है।

ईडी की चार्जशीट में शामिल इन 29 अधिकारियों की भूमिका बेहद संदिग्ध पाई गई थी। पूछताछ के दौरान इन अफसरों ने स्वयं स्वीकार किया था कि शराब सिंडिकेट से उन्हें हर महीने एक निश्चित रकम (कमीशन) प्राप्त होती थी। यह बंधी-बंधाई राशि अवैध शराब की बिक्री को बढ़ावा देने और दुकानों पर हो रही ओवररेटिंग की अनदेखी करने के एवज में दी जाती थी। जिला स्तर से लेकर मुख्यालय तक भ्रष्टाचार का यह जाल पूरी तरह व्यवस्थित था। ईडी ने अपनी चार्जशीट में कुल 33 आबकारी अधिकारियों को आरोपित बनाया था। इनमें से तत्कालीन आयुक्त निरंजन दास, एमडी अरुणपति त्रिपाठी और अनिल टुटेजा जैसे रसूखदार नाम पहले से ही जेल की हवा खा रहे हैं। अब जिन 29 अधिकारियों पर इन अधिकारियों पर अब गाज गिरनी तय है उनमें नवीन प्रताप सिंह, गंभीर सिंह, नोहर सिंह ठाकुर, नीतू नोतानी, अरविंद पटले, प्रकाश पाल, अनंत कुमार सिंह,अश्वनी कुमार अनंत, अनिमेष नेताम, मंजूश्री केसर, जनार्दन सिंह कौरब, प्रमोद कुमार नेताम, देवलाल वैद्य, दिनकर वासनिक, वेदराम लहरे, इकबाल अहमद खान, मोहित जायसवाल, नितिन खंडूजा, जीतूराम मंडावी, अलेख राम सिदार, लखन लाल ध्रुव, आशीष कोसम, गरीबपाल सिंह, विजय सेन शर्मा, विकास गोस्वामी, सौरभ बक्शी, राजेश जायसवाल, सोनल नेताम और रामकृष्ण मिश्रा। ईडी के पास अब इन आबकारी अधिकारियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने का कानूनी अधिकार आ गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच एजेंसी जल्द ही इन्हें पूछताछ के लिए समन जारी कर सकती है या साक्ष्यों के आधार पर सीधे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करेगी।

Exit mobile version