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शराब बंदी के प्रश्न पर बोले संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत- मुझे सुनाई नहीं दिया; राजनांदगांव प्रभारी बनने के बाद पहुंचे थे मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए

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छत्तीसगढ़ में शराब बंदी के वादे के साथ सत्ता में आई कांग्रेस अब चुप है। सरकार के ढाई साल बीतने के बाद अब मंत्री जी को सवाल सुनाई देना भी बंद हो गया है। दरअसल छत्तीसगढ़ में एक सवाल है जिसे पूछते ही सरकार को सुनाई देना बंद हो जाता है। शराबबंदी के वादे पर सत्ता में आई कांग्रेस अब इस सवाल से ही परहेज करती है। इतना परहेज की मंत्री बहरे बन जाते हैं। डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए शुक्रवार को संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत पहुंचे। इस दौरान उनसे शराब से खराब होती संस्कृति और इसे बंद करने को लेकर सवाल पूछा गया। मंत्री जी, इस पर चुप्पी साध गए। उन्होंने कह दिया कि सवाल उन्हें सुनाई ही नहीं दिया और वहां से चले गए।

पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछ लिया कि आप संस्कृति मंत्री हैं। शराब से संस्कृति भ्रष्ट हो रही। आप क्या कहेंगे? इस पर मंत्री जी ने जवाब दिया कि उन्हें सुनाई ही नहीं दिया।

दरअसल, प्रदेश के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत राजनांदगांव के जिले के प्रभारी मंत्री बनाए गए हैं। इसके बाद वे पहली बार जिले के प्रवास पर पहुंचे थे। उनका जगह-जगह स्वागत हुआ। फिर डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। प्रदेश की खुशहाली, अच्छी बारिश व अच्छी फसल की कामना भी की। इसके बाद पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछ लिया कि आप संस्कृति मंत्री हैं। शराब से संस्कृति भ्रष्ट हो रही। आप क्या कहेंगे? इस पर मंत्री जी ने जवाब दिया कि उन्हें सुनाई ही नहीं दिया।

सोशल डिस्टेंसिंग की भी धज्जियां उड़ीं। कई लोगों ने मास्क तक नहीं पहना था। जुलूस भी निकाल दिया गया। जगह-जगह स्वागत किया गया।

जिले के विकास कार्यों का आश्वासन जरूर मिला
प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से हो। इसके लिए जिले के अधिकारियों के साथ मंथन कर बेहतर काम किया जाएगा। कहा कि जिले की जिम्मेदारी पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। डोंगरगढ़ के विकास कार्यों पर कहा कि अभी जिम्मेदारी मिली है। इस पर भी योजना बनाकर काम किए जाएंगे। स्वागत कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की जोर अजमाइश पर कहा कि ये गुटबाजी नहीं है, बल्कि कार्यकर्ताओं का उत्साह है।

16 जगह स्वागत, कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन भी
इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का भी उल्लंघन हुआ। मंत्री भगत का स्वागत करने और साथ में फोटो खिंचवाने की होड़ मची रही। तय कार्यक्रम के अनुसार ही उनका स्वागत जिले के 16 स्थानों पर होना था। जगह-जगह स्वागत के लिए मंत्री का काफिला भी रोका गया। सोशल डिस्टेंसिंग की भी धज्जियां उड़ी। कई लोगों ने मास्क तक नहीं पहना था। जुलूस भी निकल दिया गया। जगह-जगह स्वागत किया गया। जनप्रतिनिधियों की भीड़ काफी ज्यादा रही।

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