जिला अस्पताल राजनांदगाँव को पेन्ड्री में नवनिर्मित कालेज में स्थानंातरित किया जा रहा है । जिससे जिला अस्पताल खाली किया जा रहा है । जबकि उसमें जिला अस्पताल के नाम से उपकरण की खरीदी की गई थी, डाक्टरों, नर्सो की भी भर्ती जिला अस्पताल के नाम से की गई थी, पंरतु आज कोरोना महामारी के समय में सरकार उदासीन है । लापरवाह है । जबकि विगत दिनो छ.ग. के मुख्यमंत्री जी का बयान आया था कि १० दिवस के भीतर रिपोर्ट बनाकर जमा करे जिसमें गांवो में प्राईवेट अस्पतालों के नाम से अनुदान देने की बात कही गई है । अगर सरकार अनुदान देना चाहती है तो सरकारी अस्पतालों को अनुदान दे । इससे स्पष्ट होता है कि सरकार सिर्फ सरकारी जमीनों को अस्पताल माफियाओं को कौडिय़ो के भाव में बेचकर उनको लाभ पहुंचाना चाहती है । जबकि हर ५ कि.मी. के अंदर उप स्वास्थ्य केन्द्र खोले गए है, पंरतु वहां डॉक्टर, नर्स नही है तथा ब्लड टेस्ट का जांच भी नही होता है। प्राईवेट अस्पताल अगर गांवो में खुलते है तो ५० रू. का टेस्ट ५०० रू. मे होगा । आम आदमी पार्टी राजनांदगांव के जिलाध्यक्ष कुशल सिंह राजपुत ने बताया कि आम आदमी को लूटने की दुकान खोलने की कोशिश की जा रही है । जबकि कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना है, पंरतु छ.ग. सरकार द्वारा अभी तक डॉक्टरों, नर्सो की भर्ती नही की जा रही है । स्वास्थ्य मंत्री की कोई सुनवाई नहीं है । कका, बबा के चक्कर में जनता पिस रही है । छ.ग. सरकार जनता को बताए कि अपने कुल बजट का कितना प्रतिशत खर्च स्वास्थ्य पर खर्च करती है । जब मेडिकल कॉलेज नया बना है तो वहंा नई मशीन, उपकरण सब नए खरीदी की जानी चाहिए । जिला अस्पताल को जनहित में ध्यान रखते हुए प्राथमिक उपचार हेतु जारी रखाा जाए । जिला अस्पताल को यदि बंद किया जाता है । तो आम आदमी पार्टी राजनांदगाँव आमरण अनशन करेगी । ज्ञापन देने वालों में राणा संदीप सिंह, विनय साहू, ईशु चांदने, लाकेश मंडले अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
मो. ७०००५२४४५६
जिला अस्पताल को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में चालू रखा जाये – कुशल सिंह राजपुत

