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राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय पर गलत शपथपत्र देने का आरोप, हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई से खुद को अलग किया

राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय पर गलत शपथपत्र देने का आरोप, हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई से खुद को अलग किया

राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय के खिलाफ दाखिल चुनावी याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के.अग्रवाल की सिंगल बेंच ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। अब यह मामला एक्टिंग चीफ जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा के पास जाएगा। जिसके बाद वे तय करेंगे कि इस मामले पर सुनवाई हाईकोर्ट की कौन सी बेंच करेगी।

इससे पहले हुई पिछली सुनवाई के दौरान सरोज पांडेय की ओर से करीब 9 गवाहों की लिस्ट और लेखराम साहू की ओर से 11 गवाहों की लिस्ट हाईकोर्ट में पेश की गई थी। सभी गवाहों की गवाही हाईकोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होनी थीं। लेकिन उससे पहले ही जस्टिस संजय. के.अग्रवाल की सिंगल बेंच ने निजी कारणों का हवाला देते हुए लेखराम साहू की याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है।

शपथपत्र में गलत पता बताया

दरअसल, कांग्रेस प्रत्याशी लेखराम साहू ने हाईकोर्ट में चुनावी याचिका दायर की है। जिसमें कहा गया है कि राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने राज्यसभा चुनाव के नामांकन के समय निर्वाचन आयोग को अपना गलत शपथपत्र दिया है। शपथपत्र में उन्होंने अपना पता मैत्री नगर भिलाई बताया है। इसके अलावा मतदाता सूची में दुर्ग शहर के भाग क्रमांक 166 में मतदाता क्रमांक 428 में नाम दर्ज होने की जानकारी दी है।

याचिका में यह भी कह गया है कि मैत्री नगर भिलाई – दुर्ग ग्रामीण में आता है। वहां उनके पिता रहते हैं। सरोज पांडेय दुर्ग शहर के जल विहार परिसर में पीएचई के बंगले में अवैध तरीके से रह रही हैं। वहीं सरोज के द्वारा बताया गया है कि भाग क्रमांक जल परिसर का है और परिसर का बंगला राजेश मूणत के नाम पर आवंटित है।

लेखराम की सरोज का निर्वाचन निरस्त करने की है मांग

लेखराम साहू के याचिका में सरोज पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते की भी जानकारी नहीं दी है। पूरे मामले को लेकर लेखराम साहू ने सरोज पांडेय के निर्वाचन को निरस्त कर उन्हें निर्वाचित घोषित करने की मांग याचिका में की है।राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय पर गलत शपथपत्र देने का आरोप, हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई से खुद को अलग किया

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