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पंचायत सचिवों ने सीएम और मंत्री से की शासकीयकरण करने की मांग

पंचायत सचिवों ने सीएम और मंत्री से की शासकीयकरण करने की मांग

पंचायत सचिव दिवस पर बुधवार को पंचायत सचिव संघ के जिला पदाधिकारियों ने सीएम और पंचायत मंत्री के नाम कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ को पत्र सौंपकर शासकीयकरण की मांग की है। पत्र में सात बिंदुओं के आधार पर सचिवों का शासकीयकरण करने का कारण बताया गया।

सचिव संघ ने जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर को एक अलग से ज्ञापन सौंप कर पंचायत सचिवों के स्थानीय समस्याओं और मांगों से अवगत कराया और जल्द निराकरण की मांग की। सचिवों ने सीईओ को बताया कि उनका एरियर्स राशि समेत कई भुगतान जिला पंचायत में लंबित है।

जिले के आठ निलंबित सचिवों को उनके ही ब्लॉक में बहाल करने की भी मांग की गई। अस्वस्थ सचिवों को कार्यालय में संलग्न किए जाने की मांग रखी गई, ताकि उन्हें घर चलाने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इस संबंध में सीईओ ने आश्वस्त करते हुए कहा कि वे जनपद पंचायत सीईओ को पत्र लिखकर उनकी समस्याओं का निराकरण करने के लिए पूरी व्यवस्था कराएंगे।

पौधरोपण किया गया

पंचायत सचिव दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2007 से हुई है। 7 जुलाई 2007 को ही पंचायत सचिवों के लिए वेतनमान की घोषणा रमन सरकार ने की थी। तब से प्रति वर्ष सात जुलाई को पंचायत सचिव दिवस मनाया जाता है। इस पंचायत सचिव दिवस समारोह को यादगार बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए सचिवों ने जिला पंचायत मुख्यालय में पौधरोपण भी किया।

समारोह में जिला अध्यक्ष रामदुलार साहू, सचिव महेंद्र कुमार साहू , उपाध्यक्ष रेखचंद यादव, कोषाध्यक्ष निलेश सिंह, सहसचिव योगेश साहू, मीडिया प्रभारी अजय कश्यप, छुरिया ब्लॉक सचिव सोहन पटेल एवं छुरिया मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र साहू उपस्थित थे।

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