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राजनांदगांव : जिला अस्पताल में इंटर्न के भरोसे ही गर्भवतियों की जांच के साथ उपचार…

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राजनांदगांव , जिला अस्पताल में गर्भवतियों की जांच और इलाज केवल इंटर्न डॉक्टरों के भरोसे हो रही। गायनिक विभाग में डॉक्टर्स देरी से पहुंच रहे और ओपीडी टाइमिंग खत्म होने से पहले निकल जाते है। यहां सुबह 9 बजे से गर्भवतियों की लाइन लगी रहती है। जिलेभर से मितानिन गर्भवतियों की बेहतर जांच और इलाज की उम्मीद लेकर रोज जिला अस्पताल पहुंचती है। लेकिन डॉक्टर्स यहां सुबह 9 की जगह 11 बजे आते है और 1 बजे से पहले हवा-हवाई जांच कर यहां से निकल जाते है।

सुरक्षित मातृत्व और शिशु मृत्यु दर को कम करने केन्द्र और राज्य सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही है। डॉक्टरों को विशेष तौर गर्भवतियों और प्रसव के बाद चच्चा-बच्चा की विशेष निगरानी और देखभाल करने कहा गया है। गर्भवतियों की विशेष जांच और इलाज, हाई रिस्क वाली गर्भवतियों की सोनोग्राफी कराने, अन्य तरह की ब्लड, यूरीन जांच कराने मशीनरी उपलब्ध कराई गई है। गायनिक विभाग के डॉक्टरों की लापरवाही नहीं थम रही।

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