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बसों के पहिये थमे, आटो रिक्शा में सफर हुआ महंगा

14_07_2021-13_raj_39

राजनांदगांव। यात्री किराया 40 फीसद बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर बस आपरेटरों ने हड़ताल शुरू कर दी। मंगलवार से आपरेटरों ने बसों के पहिये जाम कर दिए। जिले में कुल 450 यात्री बसें चलती है, जिनके ठहरने से यात्रियों को सफर करने में कई तरह की दिक्कत उठानी पड़ी। बसों के ठहरने से आटो-रिक्शा वालों ने भी किराया बढ़ा दिया। इसके चलते यात्रियों को महंगा सफर करना पड़ा। बस आपरेटर अपनी मांगों को लेकर चरणबद्व आंदोलन कर रहे हैं। जिला मिनी बस एसोसिएशन के अध्यक्ष रइस अहमद शकील ने कहा कि मांग पूरी होने तक बसें खड़ी रहेंगी। हड़ताल अनिश्चितकालीन है। उन्होंने कहा कि जल समाधि कार्यक्रम को 26 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिए हैं। शासन स्तर पर बस एसोसिएशन की मांग को लेकर वार्ता चल रही है। अगर मांग पूरी नहीं हुई तो हड़ताल जारी रहेगी।

बसों के पहिये थमते ही आटो रिक्शा वाले आगे आ गए हैं। खैरागढ़ रोड और दुर्ग रोड में दिनभर बसों की जगह आटो ही नजर आया। हालांकि कई लोगों को बसों के हड़ताल की जानकारी थी, जिसके कारण लोग अपने साधन से ही आना-जाना किए। वहीं जिन्हें हड़ताल की खबर नहीं थी, उन्हें भटकना पड़ा। मजबूरन इन लोगों को आटो रिक्शा में महंगा किराया देकर सफर करना पड़ा। आटो रिक्शा में किराया डबल लिया गया। वहीं कोरोना प्रोटोकाल का भी पालन नहीं किया गया।

बस आपरेटरों ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान काफी पहले से ही कर रखा है। मंगलवार से हड़ताल की जानकारी सभी को थी। इसके बाद भी प्रशासन की तरफ से किसी तरह की तरफ से कोई अतिरिक्त व्यवस्था तो दूर, यात्रियों की मदद के लिए भी कोई इंतजाम नहीं रखा गया। जिला या पुलिस प्रशासन के अलावा परिवहन विभाग भी नदारत रहा। इस कारण लोगों को आटो रिक्शों में महंगा किराया देकर सफर करना पड़ा। कोरोना प्रोटाकाल की धज्जियां उड़ाई गई। कई जगहों पर तो किराया को लेकर बहसबाजी की भी खबर है।

छग यातायात महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व जिला बस और मिनी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष रइस अहमद शकील ने कहा कि छग यातायात महासंघ के बैनर तले जारी चरणबद्ध आंदोलन के तहत मंगलवार से पूरे प्रदेश में बस संचालकों ने अनिश्चितकाल के लिए बसें खड़ी कर दी है। बसों के पहिये थमने से राजनांदगांव जिला मुख्यालय से आवाजाही करने वाले जिले के मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़, छुईखदान, गंडई, कवर्धा व दुर्ग सहित अन्य क्षेत्रों में बसों की आवाजाही पर विराम लग गया है, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक बसों के पहिये थमे रहेंगे। उनहोंने कहा कि लगातार पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन यात्री किराया पुराने दर पर ही लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल व डीजल के साथ चेसिस, टॉयर व पॉर्ट्स के सामानों में भी भारी वृद्धि हो गई है। ऐसे में बसों का संचालन करने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से यात्री किराया बढ़ाए जाने सहित विभिन्ना मांगों को लेकर सरकार को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में संघ द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। बस अनिश्चितकाल के लिए खड़े कर दिए हैं। जिले के बस संचालक रइस अहमद शकील, आशीष पांडे, अशोक जैन, विनीत लूनिया, हफीज वारशी, मनीष यादव, मंगतूराम यादव, पिंकू खान, भावेश अग्रवाल व कादिर सोलंकी सहित अन्य बस आपरेटरों ने कहा कि यात्री किराया बढ़ाने सहित आदि मांगे पूरी नहीं हो जाती, तब तक बसों के पहिये जिले भर में थमे रहेंगे।

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