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राजनांदगांव : ग्राम घुपसाल के सभी किसानों ने कम पानी वाली फसलों को अपनाकर दिया नया उदाहरण

राजनांदगांव : ग्राम घुपसाल के सभी किसानों ने कम पानी वाली फसलों को अपनाकर दिया नया उदाहरण

राजनांदगांव : ग्राम घुपसाल के सभी किसानों ने कम पानी वाली फसलों को अपनाकर दिया नया उदाहरण

– कम पानी वाली फसलों से बढ़ा ग्राम का भू-जल स्तर
– कलेक्टर ने ग्राम घुपसाल पहुंचकर किसानों द्वारा किए जा रहे नवाचार का किया अवलोकन
राजनांदगांव । छुरिया विकासखंड के ग्राम घुपसाल में किसानों द्वारा जल संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए रबी सीजन में धान जैसी अधिक पानी की आवश्यकता वाली फसल के स्थान पर कम पानी में तैयार होने वाली फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। यह परिवर्तन क्षेत्र में जल संकट को ध्यान में रखते हुए किसानों की जागरूकता और सकारात्मक सोच के साथ सामूहिक निर्णय लेकर किया गया। जिससे ग्राम का भू-जल स्तर बढ़ा है।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज छुरिया विकासखंड के ग्राम घुपसाल पहुंचकर किसानों द्वारा किए जा रहे इस नवाचार का अवलोकन किया। उन्होंने खेतों में जाकर फसलों की स्थिति देखी तथा किसानों से चर्चा कर उनकी खेती की पद्धतियों एवं अनुभवों की जानकारी ली। कलेक्टर ने किसानों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों को अपनाना वर्तमान समय की आवश्यकता है। इससे न केवल जल संरक्षण संभव होगा, बल्कि खेती की लागत में कमी आने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने अन्य किसानों को भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित करने कहा।
ग्रामीणों ने बताया कि इस बदलाव से पानी की बचत हो रही है और फसल उत्पादन भी बेहतर हो रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि पूर्व में गर्मी के मौसम में भू-जल स्तर नीचे चले जाने से सूखे जैसी स्थिति बन जाती थी। मार्च माह के बाद गांव के तालाब, हैंडपंप एवं नालों में पानी नहीं रहता था, जिससे पेयजल एवं निस्तारी की गंभीर समस्या उत्पन्न होती थी। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम के सामूहिक प्रयास एवं महत्वपूर्ण निर्णय से इस वर्ष लगभग 350 एकड़ से अधिक रकबे में रबी मौसम में मक्का एवं अन्य दलहन-तिलहन जैसी कम पानी वाली फसलों का उत्पादन किया गया है। इसके परिणामस्वरूप ग्राम में भू-जल स्तर में वृद्धि हुई है तथा पेयजल एवं निस्तारी कार्यों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जहां पूर्व में फागुन माह के बाद तालाब सूख जाते थे, वहीं इस वर्ष अभी भी निस्तारी के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह, सीईओ छुरिया होरी लाल साहू, सरपंच नरेश शुक्ला, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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