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CG : झूठे आरोप में फंसे न्यूज पोर्टल के पत्रकार को हाईकोर्ट ने जमानत दी …

CG: Another murder incident in Mandir

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट से जुड़े एक मामले में आरोपी पत्रकार मोहन निषाद को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है. जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया. मामले के अनुसार, बालोद जिले के डौंडीलोहारा थाने में दर्ज अपराध में मोहन निषाद पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(2), 3(5) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(आर) के तहत अपराध दर्ज किया गया था. शिकायतकर्ता मनीराम तारम, जो कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में सहायक अभियंता हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि 17 अक्टूबर 2025 को एक व्यक्ति खुद को पत्रकार बताते हुए उनके पास आया और 11 वर्षीय बच्चे की करंट से मौत की खबर प्रकाशित करने की धमकी देकर 2 लाख रुपए की मांग की. शिकायत में यह भी आरोप था कि रकम नहीं देने पर आरोपी ने जातिसूचक गालियां दीं, धमकाया और सोशल मीडिया पर झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब की. पुलिस ने इस मामले में खिलावन चंद्राकर और मोहन निषाद के खिलाफ केस दर्ज किया था.

अपील में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मोहन निषाद एक न्यूज पोर्टल के पत्रकार हैं और उन्होंने केवल बच्चे की मौत से जुड़ी खबर प्रकाशित की थी. इसी कारण रंजिशवश उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया. साथ ही, घटना के करीब चार महीने बाद एफआईआर दर्ज होना भी संदेह पैदा करता है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि आरोपी 18 मार्च 2026 से जेल में है और ट्रायल में समय लग सकता है. ऐसे में न्यायालय ने जमानत देना उचित समझा. इस फैसले से आरोपी को अंतरिम राहत मिली है, जबकि मामले की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में जारी रहेगी.

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