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CG : नशे की हालत में बैठक पहुंचे सहायक शिक्षक सस्पेंड …

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अंबिकापुर। अंबिकापुर जिले में एक सहायक शिक्षक को नशे की हालत में समीक्षा बैठक में शामिल होने और अनुशासनहीन व्यवहार करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह मामला विकासखंड बतौली क्षेत्र का है, जहां जनगणना कार्य से जुड़ी उन्मुखीकरण समीक्षा बैठक के दौरान यह घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, सहायक शिक्षक भोलेन्द्र पैंकरा, जो प्राथमिक शाला खालपारा (बिलासपुर) में पदस्थ हैं और एल.बी. संवर्ग के शिक्षक हैं, की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई थी। 29 अप्रैल 2026 को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली में जनगणना 2027 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इसी बैठक में वे कथित रूप से शराब के नशे की स्थिति में पहुंचे।

बैठक के दौरान शिक्षक ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतापुर और अन्य अधिकारियों के साथ अनुचित व्यवहार किया, जिससे बैठक की गरिमा प्रभावित हुई। घटना के बाद अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की। सूचना मिलने पर अनुविभागीय अधिकारी के निर्देश पर उनका चिकित्सकीय परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली में कराया गया। जांच रिपोर्ट में चिकित्सक द्वारा उनके मुंह से शराब जैसी गंध आने की पुष्टि की गई। इसके अलावा तहसीलदार बतौली ने भी उनकी उपस्थिति को नशे की स्थिति में बताते हुए उनके अशिष्ट आचरण की पुष्टि की। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है।

आदेश में कहा गया है कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 एवं 23 का स्पष्ट उल्लंघन है और गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। इसके तहत सहायक शिक्षक भोलेन्द्र पैंकरा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय उदयपुर निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। इस घटना के बाद

शिक्षा विभाग में भी सख्ती बढ़ा दी गई है और अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा अनुशासनहीनता या नशे की स्थिति में कार्यस्थल पर उपस्थित होने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सरकारी बैठकों और महत्वपूर्ण कार्यों में इस तरह की घटनाएं गंभीर लापरवाही को दर्शाती हैं, जिससे सरकारी कार्यों की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। यह मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर अन्य कर्मचारियों की भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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