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बिना हेलमेट दोपहिया वाहन की डिलीवरी पर शोरूम संचालकों को निर्देश

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बस्तर आरटीओ ने जारी किए कड़े निर्देश

जगदलपुर, सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय बस्तर संभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की मंशा के अनुरूप अब हाईवे सहित सभी प्रमुख मार्गों पर मोटरसाइकिल चालक के साथ-साथ पीछे बैठे सवार के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में मोटरयान अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत कड़े प्रावधान किए गए हैं, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने पर धारा 194(घ) के तहत भारी अर्थदंड वसूलने की चेतावनी दी गई है।

    क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा जारी निर्देशों में विशेष रूप से उन शोरूम संचालकों को आगाह किया गया है जो पूर्व में जारी आदेशों की अवहेलना करते हुए बगैर हेलमेट के वाहनों की डिलीवरी कर रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 129, केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 34 से 44 और छत्तीसगढ़ मोटरयान नियम 1994 के नियम 213 के तहत यह अनिवार्य है कि वाहन की डिलीवरी के समय सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। यदि कोई शोरूम संचालक बिना हेलमेट वाहन सौंपता है या कोई चालक बिना हेलमेट वाहन का संचालन करता है, तो उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

     विभाग ने इस मामले में केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि कार्यवाही में लगे अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करने के संकेत दिए हैं। जिसके तहत यदि अधिकारी इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित नहीं कराते हैं, तो एक विशेष कमेटी बनाकर उनकी जाँच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है। आरटीओ कार्यालय ने स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से आम जन को यह संदेश देने की कोशिश की है कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से हेलमेट पहनना केवल एक कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि जीवन बचाने की एक अनिवार्य जरूरत है।

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