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CG : डेम में हाथी शावक की डूबने से मौत …

CG : डेम में हाथी शावक की डूबने से मौत …

CG : डेम में हाथी शावक की डूबने से मौत …

रायगढ़। धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल परिक्षेत्र अंतर्गत सिंघीझाप स्थित घोघरा डेम में लगभग 6 माह आयु के एक हाथी शावक की डूबने से मृत्यु होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़ वनमंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार 07 मई 2026 को लगभग 20 हाथियों का दल बोजिया परिसर के कक्ष क्रमांक 516 आर.एफ. में विचरण कर रहा था, जो शाम लगभग 5.30 बजे से 6.30 बजे के बीच सिंघीझाप परिसर के कक्ष क्रमांक 502 आर.एफ. की ओर बढ़ा। देर रात लगभग 2 से 3 बजे के बीच यह दल घरघोड़ा परिक्षेत्र से वापस लौटकर घोघरा डेम के पानी में उतरा, जहां संभवतः इसी दौरान शावक की डूबने से मृत्यु हो गई। घटना के बाद दल के 15 हाथी लोटान क्षेत्र की ओर चले गए, जबकि शेष 5 हाथी, जिनमें एक नर, तीन मादा एवं एक शावक शामिल थे, कक्ष क्रमांक 502 में ही रुके रहे।

8 मई को नियमित गश्त के दौरान हाथी ट्रैकर्स ने घोघरा डेम में शावक को मृत अवस्था में देखा और इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची, जिसमें डॉ. आशीष राठिया, डॉ. विवेक नायक एवं डॉ. अनिल कुमार सिंह शामिल थे। टीम की उपस्थिति में मृत शावक का विस्तृत पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम उपरांत मृत्यु के वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक जांच हेतु विषरा के नमूने इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, इज्जतनगर, बरेली (उत्तर प्रदेश) तथा नानाजी देशमुख वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ, जबलपुर मध्यप्रदेश भेजे जा रहे हैं। वन विभाग द्वारा प्रकरण में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा क्षेत्र में हाथियों की सतत निगरानी बढ़ा दी गई है।

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